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आंध्र प्रदेश के 21 जिलों में सूखा घोषित, जानें किन फसलों पर पड़ा असर?


Andhra Prdaesh Drought 2026: आंध्र प्रदेश में इस बार बारिश ने किसानों का साथ नहीं दिया. खेतों में फसल खड़ी होने से पहले ही पानी का संकट गहराने लगा और जहां बुआई हुई, वहां भी फसल को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाया. अब हालात इतने बिगड़ गए हैं कि राज्य सरकार ने 21 जिलों के 388 मंडलों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है. इसका मतलब है कि, राज्य के आधे से ज्यादा मंडल इस समय सूखे की चपेट में हैं.

आंध्र प्रदेश में कुल 688 मंडल हैं. इनमें से 388 मंडलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है. यानी करीब 56 फीसदी मंडल इस संकट से प्रभावित हैं. सरकार ने इन इलाकों को सूखे की गंभीरता के हिसाब से दो हिस्सों में बांटा है. 283 मंडलों में गंभीर सूखे की स्थिति है, जबकि 105 मंडलों को मध्यम सूखे की लिस्ट में रखा गया है. इस संकट की सबसे बड़ी वजह बारिश की कमी है. जून से अगस्त के बीच राज्य में सामान्य से करीब 53.4 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई. बारिश नहीं होने से खेतों में नमी घटती गई और किसानों के लिए फसल बचाना मुश्किल होता चला गया.

रायलसीमा और दक्षिण आंध्र में ज्यादा असर

सूखे की सबसे ज्यादा मार रायलसीमा और दक्षिण आंध्र के इलाकों में देखने को मिल रही है. इन क्षेत्रों में खेती के साथ-साथ पानी की उपलब्धता भी बड़ी चिंता बन गई है. धान, मक्का, नारियल, मूंगफली, अरहर और कपास जैसी फसलों पर इसका असर पड़ा है. 

बारिश कम होने का असर बुआई पर भी साफ दिखा. राज्य में सामान्य तौर पर करीब 25.6 लाख हेक्टेयर में बुआई होती है, लेकिन इस बार सिर्फ 20.4 लाख हेक्टेयर में ही बुआई हो सकी. यानी करीब 5.3 लाख हेक्टेयर जमीन पर खेती नहीं हो पाई.

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फसल के साथ पशुपालन पर भी असर

जिन किसानों ने किसी तरह फसल बोई, उन्हें भी बीज, खाद और मजदूरी पर किया खर्च वापस मिलने की चिंता है. पानी की कमी के कारण फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है. वहीं खेतों में चारे की कमी का असर पशुपालन पर भी पड़ रहा है. ऐसे में किसानों की आमदनी पर दो तरफ से दबाव बढ़ रहा है.

दूसरे राज्यों में भी सूखे की मार

आंध्र प्रदेश का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कर्नाटक और महाराष्ट्र भी कम बारिश और फसल नुकसान के चलते सूखे की घोषणा कर चुके हैं. इससे साफ है कि बारिश की कमी अब सिर्फ एक इलाके की समस्या नहीं रह गई है. इसका सीधा असर किसानों की फसल, पानी और कमाई पर पड़ रहा है.

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