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आईपीएल में उधार का नियम दूसरी टीम से लाए जा सकते हैं खिलाड़ी, क्या है IPL लोन सिस्टम?


What is Loan System In IPL 2026:  आईपीएल लोन सिस्टम एक ऐसा नियम है जिसमें अगर खिलाड़ी खेल के दौरान चोटिल हो जाए तब उसकी जगह किसी दूसरे खिलाड़ी को टीम में शामिल किया जाता है. आईपीएल 2026 के एक मैच के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स के युवा बैटर आयुष म्हात्रे को चोट लग गई जिस वजह से वे पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं. अगस्त 2025 में आईपीएल से सन्यास ले चुके पूर्व भारतीय स्पिनर आर अश्विन ने उनको रिप्लेस करने के लिए आईपीएल लोन सिस्टम का इस्तेमाल करने की सलाह दी है. 

क्या है आईपीएल लोन सिस्टम?

यदि कोई खिलाड़ी चोटिल होता है और उसकी टीम ने टूर्नामेंट में अभी तक 12 मैच नहीं खेले हैं, तब उन्हे किसी और खिलाड़ी से रिप्लेस करते हैं.  रिप्लेसमेंट के लिए चुने गए खिलाड़ी को BCCI द्वारा नियुक्त मेडिकल पैनल के साथ मेडिकल टेस्ट पास करना जरूरी होता है. टेस्ट क्लियर होने के बाद ही फ्रेंचाइजी को खिलाड़ी खरीदने की अनुमति मिलती है.  यह रिप्लेसमेंट मुख्य रूप से उन खिलाड़ियों के लिए होता है जिन्हें नीलामी  में किसी फ्रेंचाइजी ने नहीं चुना था. इसमें ट्रेड शामिल नहीं होती. 

नियमों के मुताबिक किसी खिलाड़ी को तभी रिप्लेस किया जा सकता है जब वो 2 या उस से अधिक मैच खेले हो. वहीं एक सीजन में सिर्फ एक बार ही इस सिस्टम का उपयोग किया जा सकता है. 

साल 2018 से लागू है नियम

आपको बता दें कि IPL में लोन सिस्टम और इसकी डेडलाइन से जुड़े नियम साल 2018 से ही लागू हैं. हालांकि, इसके लिए कड़े नियम और रेगुलेशन बनाए गए हैं, जिसकी वजह इसका बहुत अधिक इस्तेमाल देखने को नहीं मिला है. 

इस सिस्टम के तहत एक फ्रेंचाइजी दूसरी फ्रेंचाइजी से खिलाड़ी को ‘किराए’ (Loan) पर ले सकती है. खास बात यह है कि इस प्रक्रिया में खिलाड़ी को खरीदा नहीं जाता, बल्कि वह केवल चोटिल खिलाड़ी के रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम के साथ जुड़ता है. 



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