उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय पर रविवार को चल रही संगठन की बैठक में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब मंच से नाम न पुकारे जाने पर पार्टी नेता ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ज्ञानू और जिलाध्यक्ष ध्रुव सिंह के बीच बहस के बाद हाथापाई हो गयी. हैरानी इस बात की थी कि प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ धर्मेन्द्र सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद थे.
वहां मौजूद अन्य नेताओं और डॉ धर्मेन्द्र सिंह ने दोनों को अलग किया. इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है. जिसमें जिले में पार्टी के बीच गुटबाजी की खुलकर चर्चा हो रही है. हालांकि इस घटना पर अभी तक किसी नेता का बयान नहीं आया है.
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मंच पर नाम न पुकारने पर बढ़ा विवाद
जानकारी के मुताबिक, पार्टी कार्यालय पर संगठन की बैठक आगामी कार्यक्रों को लेकर चल रही थी. इस बीच वरिष्ठ नेता ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ज्ञानू का नाम नहीं पुकारा गया, जबकि कई अन्य नेताओं के नाम बुलाए गए. जिस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की. इसके बाद उनकी जिलाध्यक्ष ध्रुव सिंह से बहस होने लगी और देखते ही देखते नौबत धक्का-मुक्की और मारपीट की आ गयी.
मौके पर मौजूद नेताओं ने दोनों को अलग किया. इस दौरान कार्यालय में अफरा-तफरी मच गयी. कुछ लोगों ने थप्पड़बाजी की भी बात कर रहे हैं. दोनों के समर्थकों ने भी खासा हंगामा किया.
बंद कमरे में हुई बैठक
विवाद के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष और जिला प्रभारी डॉ धर्मेन्द्र सिंह की मौजूदगी में ये सब हुआ.हंगामे के बाद ज्ञानू वहां से चले गए. इसके बाद डॉ धर्मेन्द्र सिंह और जिलाध्यक्ष व कई सीनियर नेताओं की बंद कमरे में 45 मिनट तक बैठक हुई. बैठक में क्या रहा इसकी जानकारी किसी को नहीं दी गयी और डॉ धर्मेन्द्र सिंह और जिला अध्यक्ष ध्रुव सिंह भी चुपचाप वहां से निकल गए.
बहरहाल इस हंगामे और मारपीट की घटना पर अब पार्टी का कोई शीर्ष नेता बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन एक बात तय है कि विधानसभा चुनाव से पहले ही बीजेपी में गुटबाजी अब सतह पर आ चुकी है.
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