Vrishabh Rashifal: 9 अक्टूबर 2026, शुक्रवार के दिन आश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि (मासिक शिवरात्रि व चतुर्दशी श्राद्ध) रात्रि 09:36 तक रहेगी, जिसके उपरांत सर्वपितृ अमावस्या तिथि आरंभ होगी. सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश श्रीमाली के पंचांगीय विश्लेषण के अनुसार, आज रात्रि 09:20 तक उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद हस्त नक्षत्र लगेगा. आज ग्रहों के विशेष गोचर से वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग, लक्ष्मीनारायण योग, पारिजात योग और ब्रह्म योग का विशेष शुभ प्रभाव प्राप्त होगा.
चंद्रमा आज अलसुबह 03:28 के बाद कन्या राशि में, यानी आपकी राशि से 5वें भाव (पंचम भाव यानी प्रेम आकर्षण, बुद्धि, सरकारी अनुबंध, सप्लाई चेन प्रबंधन, बौद्धिक प्रतिभा व संतान सुख स्थान) में संचरण करेंगे. पंचम भाव में चंद्रमा के संचरण के प्रभाव से आज आपके व्यक्तित्व में गजब का आकर्षण और प्रेम भावना (Love & Attraction) पर्याप्त मात्रा में रहेगी; आपकी सौम्यता और आकर्षण से लोग आपकी ओर खिंचे चले आएंगे. शुभ कार्यों के लिए आज दो श्रेष्ठ समय हैं, सुबह 08:15 से 10:15 बजे तक लाभ-अमृत का चौघड़िया एवं दोपहर 01:15 से 02:15 बजे तक शुभ का चौघड़िया रहेगा. वहीं सुबह 10:30 से 12:00 बजे तक राहुकाल रहेगा. आज पश्चिम दिशा की तरफ यात्रा करना शुभ फलदायी रहेगा.
बिजनेस और फाइनेंस राशिफल (Business & Finance)
व्यापारिक दृष्टि से आज का दिन वृषभ राशि के कारोबारियों के लिए सरकारी अनुबंधों की शुभ सूचना, मैन्युफैक्चरिंग में उछाल और शत-प्रतिशत क्लाइंट रिटेंशन का रहेगा.
गवर्नमेंट कॉन्ट्रैक्ट में बड़ी सूचना: ब्रह्म योग के शुभ प्रभाव से जो कारोबारी सरकारी ठेके, टेंडर या गवर्नमेंट कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े हैं, उन्हें फोन कॉल्स या ईमेल के जरिए कोई अत्यंत महत्वपूर्ण और लाभकारी व्यावसायिक सूचना प्राप्त हो सकती है.
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बंपर मुनाफा: व्यापारिक दृष्टिकोण से समय पूरी तरह अनुकूल बना हुआ है; उत्पादन और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े कारोबारियों के लिए दिन बेहद फायदेमंद और आर्थिक मजबूती देने वाला रहेगा.
करियर और जॉब राशिफल (Career & Job)
नौकरीपेशा जातकों के लिए आज का दिन वित्तीय प्रबंधन, लंबित कार्यों की सफलता, ओवरटाइम और शुभ समाचार मिलने का रहेगा.
आर्थिक सुधार के लिए प्रबंधन व लंबित कार्य पूरे: एंप्लॉयड पर्सन अपनी व्यक्तिगत आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कुछ खास फाइनेंशियल मैनेजमेंट करेंगे; कार्यक्षेत्र में पुराने लंबित (Pending) पड़े कार्यों को पूरा करने के प्रयासों में आपको शत-प्रतिशत सफलता मिलेगी.
काम की अधिकता से ओवरटाइम: ऑफिस में अचानक आधिकारिक जिम्मेदारियों और काम का बोझ बढ़ने के कारण आपको अतिरिक्त समय देकर ओवरटाइम (Overtime) करना पड़ सकता है; अपनी ऊर्जा बनाए रखें.
वेतनभोगी लोगों को शुभ समाचार: नौकरीपेशा और वेतनभोगी जातकों (Salaried Persons) को वेतन वृद्धि, इंसेंटिव या किसी नई अथॉरिटी से जुड़ा कोई बहुत ही सुखद और शुभ समाचार मिलने की प्रबल संभावना है.
लव, फैमिली और रिलेशनशिप (Love & Family)
पारिवारिक और व्यक्तिगत संबंधों के लिहाज से पंचम चंद्रमा सामाजिक मान-सम्मान और प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता का संकेत दे रहा है.
सामाजिक व पारिवारिक प्रतिष्ठा में वृद्धि: परिवार के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर भी आपकी प्रतिष्ठा, मान-सम्मान और साख में बढ़ोतरी होगी; लोग आपकी बुद्धिमत्ता और निर्णयों का सम्मान करेंगे.
प्रेम जीवन में गहरा आकर्षण: 5वें भाव के चंद्रमा के प्रभाव से दांपत्य व लव लाइफ में भरपूर प्रेमाकर्षण रहेगा; जीवनसाथी या लव पार्टनर के साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा और आपसी समझ गहरी होगी.
शिक्षा, स्पोर्ट्स और स्वास्थ्य (Education, Students & Health)
खिलाड़ियों (Sports Persons) के लिए आज का दिन अपनी डाइट और खान-पान में सुधार करके यश हासिल करने का है. स्पोर्ट्स पर्सन को पाचन संबंधी विकार या कब्ज (Constipation) की समस्या का सामना करना पड़ सकता है; इसलिए आप अपने भोजन में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें, मोटे अनाज (Millets/Whole Grains) को अपनी डाइट का मुख्य हिस्सा बनाएं और संतुलित, पौष्टिक आहार लें. यदि आप अपनी सेहत का ख्याल रखेंगे, तो अपने खेल के फील्ड में शानदार सफलता और यश प्राप्त करेंगे. स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से, 5वें भाव के चंद्रमा और ब्रह्म योग से मानसिक ऊर्जा और बौद्धिक क्षमता बहुत अच्छी रहेगी. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, बाहर के तले-भुने खाने से बचें और दिनचर्या में वॉक व स्ट्रेचिंग को शामिल करें.
शुभ रंग: ब्राउन (भूरा)
शुभ अंक: 9
अशुभ अंक: 3
आज का उपाय: शुक्रवार और आश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि (मासिक शिवरात्रि व चतुर्दशी श्राद्ध) के पावन अवसर पर जगतजननी मां महालक्ष्मी और भगवान भोलेनाथ का ध्यान करें. शिवलिंग पर जल में थोड़ा कच्चा दूध, शहद और श्वेत चंदन मिलाकर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र से अभिषेक करें. इसके साथ ही माता लक्ष्मी को मखाने की खीर या बताशे का भोग लगाएं और ‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः’ मंत्र की एक माला जपें. चतुर्दशी श्राद्ध के उपलक्ष्य में परिवार के पितरों के निमित्त दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तिल मिले जल से तर्पण करें.
किसी जरूरतमंद कन्या, वृद्ध या निर्धन व्यक्ति को खीर, फल अथवा भोजन का दान करें; इससे 5वें भाव के चंद्रमा से आकर्षण व बौद्धिक क्षमता बढ़ेगी, ब्रह्म योग से सरकारी टेंडर्स और मैन्युफैक्चरिंग में भारी मुनाफा होगा, नौकरी में शुभ समाचार मिलेंगे और स्वास्थ्य उत्तम बना रहेगा.
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