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‘आज मुसलमान मुसलामन से लड़ रहा…’, विजयादशमी पर और क्या-क्या बोले CM योगी


गोरखपुर में विजयादशमी के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने वालों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के अंदर रावण की आत्मा आ गई है. दुनिया में अलग-अलग समुदायों के बीच आपसी संघर्ष का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सनातन की छाया में हर जाति, संप्रदाय, मत और मजहब को सुरक्षा दे रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की एकता और मजबूती से परेशान ताकतें देश के बारे में दुष्प्रचार कर रही हैं. ये ताकतें देश के अंदर भी हैं और बाहर से भी प्रायोजित हैं. उन्होंने कहा कि आज दुनिया में मुसलमान मुसलमान से लड़ रहा है.

दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार शाम मानसरोवर रामलीला मैदान में श्री श्री आर्यनगर रामलीला समिति की ओर से आयोजित प्रभु श्रीराम के राजतिलक समारोह में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने लोगों को विजयादशमी की बधाई दी और भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े आदर्शों, सामाजिक एकता, राष्ट्रहित और बुराइयों के खिलाफ संघर्ष का संदेश दिया. अपने संबोधन में उन्होंने राम मंदिर आंदोलन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, नशे के खिलाफ अभियान और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का भी जिक्र किया.

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जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटने वालों पर निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटने की कोशिश करने वाले लोग देश की एकता को कमजोर करते हैं. उन्होंने कहा कि भारत की एकता और मजबूती से परेशान लोगों की ओर से देश के बारे में दुष्प्रचार किया जा रहा है. ऐसी ताकतें भारत के भीतर भी मौजूद हैं और उन्हें बाहर से भी समर्थन मिलता है.

सीएम योगी ने कहा कि भारत में सनातन की परंपरा के तहत सभी को सुरक्षा और आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है. उनके मुताबिक, भारत की सांस्कृतिक परंपरा समाज को जोड़ने और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का संदेश देती है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर होने वाले विभाजन से दूर रहें और समाज तथा राष्ट्र की एकता को प्राथमिकता दें.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश कमजोर होता है, तब समाज और संस्कृति को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतें मजबूत होती हैं. ऐसे में देश की एकता और मजबूती बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है.

दुनिया में अलग-अलग समुदायों के बीच संघर्ष का किया जिक्र

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने दुनिया के अलग-अलग समुदायों के बीच होने वाले संघर्षों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि दुनिया में मुस्लिम से मुस्लिम, कम्युनिस्ट से कम्युनिस्ट और क्रिश्चियन से क्रिश्चियन लड़ रहे हैं.

सीएम योगी ने कहा कि दुनिया में कई जगह एक ही समुदाय के लोगों के बीच आपसी विवाद देखने को मिलते हैं. उन्होंने शिया-सुन्नी विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि कहीं कम्युनिस्ट आपस में लड़ रहे हैं तो कहीं ईसाई समुदाय के भीतर संघर्ष है. उन्होंने यह भी कहा कि कई जगह अलग-अलग विचारधाराओं और धार्मिक समुदायों के बीच टकराव देखने को मिलता है.

मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन परिस्थितियों के बीच भारत सनातन की छाया में सभी जातियों, संप्रदायों, मतों और मजहबों को सुरक्षा देने के साथ समृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने इसे भारतीय ऋषि परंपरा का हिस्सा बताया.

सीएम योगी ने कहा कि भारतीय परंपरा का संदेश है, ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः’. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी विचार को सरल भाषा में ‘सबका साथ, सबका विकास’ के रूप में सामने रखा है.

भारत मजबूत होता है तो मिलता है मोदी जैसा नेतृत्व

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब भारत कमजोर होता है, तब देश के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को नुकसान पहुंचता है. उन्होंने राम जन्मभूमि, कृष्ण जन्मभूमि, काशी विश्वनाथ और सोमनाथ मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि अतीत में इन स्थलों को अपमान और आक्रमण का सामना करना पड़ा.

उन्होंने कहा कि जब भारत मजबूत होता है, तब देश को एक भारत-श्रेष्ठ भारत के रूप में आगे बढ़ाने वाला नेतृत्व मिलता है. सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि देश अब अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गरिमा को वापस पाने में सक्षम हुआ है.

उन्होंने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण को इसी बदलाव का उदाहरण बताया. मुख्यमंत्री के मुताबिक, भारत की एकता और मजबूती से ही देश अपनी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए आगे बढ़ सकता है.

सीएम योगी ने कहा कि देश की मजबूती केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है. इसके लिए समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर काम करना होगा. उन्होंने लोगों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और देश को बांटने वाली गतिविधियों से दूर रहने की अपील की.

राम मंदिर का विरोध करने वालों पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और रामभक्तों के संघर्ष का जिक्र करते हुए विरोधियों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जो लोग भारत को कमजोर करना चाहते हैं, उन्हें अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर और दीपोत्सव जैसे आयोजन कैसे बर्दाश्त होंगे?

सीएम योगी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग अयोध्या के बारे में दुष्प्रचार करते हैं, जबकि उन्होंने अभी तक रामलला के दर्शन भी नहीं किए हैं. उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान रामभक्तों पर हुई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन लोगों ने कभी रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं, वे आज राम-राम कह रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा, “रामभक्तों पर अत्याचार करने वाले भी आज कालनेमि की भांति चिल्ला रहे राम-राम.” उन्होंने रामायण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि कालनेमि भी राम का नाम लेता था. सीएम योगी ने लोगों से ऐसे लोगों को पहचानने की अपील की, जो उनके मुताबिक राम के नाम का इस्तेमाल करके भ्रम फैलाते हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण केवल सत्ता का परिणाम नहीं था, बल्कि इसके पीछे लंबे समय तक चला संघर्ष और संकल्प था. उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान रामभक्तों के पास सत्ता नहीं, बल्कि संकल्प था. कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने मंदिर निर्माण का विश्वास बनाए रखा.

उन्होंने हनुमान जी के संकल्प ‘राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहां विश्राम’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी को समाज और राष्ट्र के हित में अपने दायित्वों के प्रति प्रतिबद्ध रहना चाहिए. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की सुरक्षा और मजबूती के बिना किसी व्यक्ति, समाज या जाति की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती. उन्होंने कहा, “देश है तो धर्म है. धर्म है तो हम सब भी हैं.”

मुख्यमंत्री ने सनातन परंपरा की सुरक्षा को समाज की सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि भारत सुरक्षित रहेगा, तभी यहां के सभी वर्ग सुरक्षित रह सकेंगे. उन्होंने लोगों से देश की एकता बनाए रखने और समाज को बांटने वाली गतिविधियों का विरोध करने का आह्वान किया.

उन्होंने कहा कि देश की एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना समय की जरूरत है. लोगों को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में काम करना चाहिए.

रावण के दस सिरों को बताया दस बुराइयों का प्रतीक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रावण के दस सिरों के प्रतीकात्मक अर्थ भी समझाए. उन्होंने कहा कि रावण के दस सिर अधर्म, असत्य, अन्याय, अत्याचार, अमर्यादा, भ्रष्टाचार, दुराचार, भ्रम, दुष्प्रचार और नशे के प्रतीक हैं. उन्होंने कहा कि विजयादशमी केवल रावण के पुतले का दहन करने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह समाज में मौजूद बुराइयों को खत्म करने का संकल्प लेने का अवसर भी है.

सीएम योगी ने कहा कि जिस तरह प्रभु श्रीराम ने रावण का अंत करके रामराज्य का मार्ग प्रशस्त किया था, उसी तरह आज समाज को विकास और राष्ट्र की एकता में बाधा बनने वाली बुराइयों के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि असत्य, अन्याय और दुराचार जैसी प्रवृत्तियों का विरोध करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है. समाज तभी आगे बढ़ सकता है, जब लोग गलत कामों के खिलाफ आवाज उठाएं और अपनी जिम्मेदारी समझें.

नशे के खिलाफ सरकार के साथ समाज भी आए आगे

मुख्यमंत्री ने नशे को समाज और युवा पीढ़ी के लिए गंभीर खतरा बताया. उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती. इसके लिए परिवार, मोहल्ले और समाज को भी अपनी भूमिका निभानी होगी.

सीएम योगी ने कहा कि सरकार नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. उनकी संपत्तियां जब्त करने समेत कई कठोर कदम उठाए जा रहे हैं. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज को भी अपने आसपास नशे से जुड़ी गतिविधियों को पनपने नहीं देना चाहिए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की वजह से युवाओं का जीवन बर्बाद होता है. इसलिए परिवारों को अपने बच्चों पर ध्यान देना चाहिए और आसपास ऐसी गतिविधियां दिखाई देने पर उनके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि विजयादशमी पर रावण दहन के साथ समाज को नशे और दूसरी बुराइयों के खिलाफ भी संकल्प लेना चाहिए. युवाओं, महिलाओं और समाज के सभी वर्गों को मिलकर ऐसी गतिविधियों का विरोध करना होगा, जो नई पीढ़ी के भविष्य को नुकसान पहुंचाती हैं.

रामलीला को बताया सामाजिक समरसता का उदाहरण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलीलाओं को सामाजिक समरसता का बेहतर उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, संकल्प और मन, वचन तथा कर्म की एकरूपता का संदेश देता है. रामलीलाओं के माध्यम से यह संदेश गांव-गांव और समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचता है.

सीएम योगी ने कहा कि रामलीला में राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, सीता, दशरथ, कौशल्या, कैकेयी, हनुमान, सुग्रीव, अंगद, जामवंत, शबरी और निषादराज जैसे पात्रों की भूमिकाएं स्थानीय लोग निभाते हैं. इस दौरान समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग एक साथ आकर परंपरा का निर्वहन करते हैं.

उन्होंने कहा कि रामलीला में किसी पात्र की जाति नहीं पूछी जाती. वहां उसके काम, संवाद और समाज के प्रति योगदान को महत्व दिया जाता है. यह परंपरा समानता, एकता और सामाजिक समरसता का संदेश देती है. मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि उन्हें जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर समाज को बांटने के बजाय आपसी सहयोग और राष्ट्रहित को महत्व देना चाहिए.

परिवार के साथ समय बिताने और परंपराओं को समझने की अपील

सीएम योगी ने आधुनिक जीवनशैली में परिवार के साथ समय बिताने की जरूरत पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि आज कई बार एक ही घर में रहने वाले परिवार के सदस्य सोशल मीडिया और अपने-अपने कामों में व्यस्त रहते हैं. ऐसे में परिवार के साथ बातचीत और एक-दूसरे को समझने के लिए समय निकालना जरूरी है.

मुख्यमंत्री ने धार्मिक ग्रंथों और महापुरुषों की जीवनियों को पढ़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को समझने का प्रयास करना चाहिए.

उन्होंने कैलाश मानसरोवर, बदरीनाथ, केदारनाथ, जगन्नाथपुरी, द्वारकापुरी, कन्याकुमारी, रामेश्वरम और धनुषकोटि जैसे प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की यात्रा करने की सलाह दी. उनके मुताबिक, इन स्थानों पर जाकर वहां की परंपराओं और इतिहास को समझने से नई प्रेरणा मिलती है. इससे बच्चों को भी अपनी सांस्कृतिक विरासत को जानने का अवसर मिलता है.

रामराज्य की अवधारणा पर आधारित हैं सरकारी योजनाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन सरकार की योजनाएं रामराज्य की अवधारणा से प्रेरित हैं. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा समाज बनाना है, जहां किसी को दुख और दरिद्रता का सामना न करना पड़े, हर व्यक्ति को सम्मान मिले और अन्याय तथा अत्याचार के लिए कोई जगह न हो.

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, विद्युत कनेक्शन, रसोई गैस कनेक्शन और प्रधानमंत्री मुफ्त अन्न योजना का उल्लेख किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं.

सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश में 67 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जा रही है. गरीब परिवारों की बेटियों की शिक्षा और विवाह के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बेटियों के विवाह के लिए एक लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाता है.

उन्होंने कहा कि रोजगार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. डिजिटल इंडिया और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में सीधे धनराशि पहुंचाई जा रही है, जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिली है.

मुख्यमंत्री ने नारी गरिमा और सुरक्षा को शासन की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान पर आघात करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.

एकता और राष्ट्रहित से अराजक ताकतों को हराने का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता अगर देश की एकता और राष्ट्रहित के संकल्प के साथ आगे बढ़ेगी, तो समाज को बांटने और अराजकता फैलाने वाली ताकतों को परास्त किया जा सकता है.

उन्होंने कहा कि अन्याय करने, महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने और सनातन धर्म तथा भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने वालों को अपने कृत्यों का परिणाम भुगतना पड़ेगा. मुख्यमंत्री ने लोगों से सामाजिक एकता मजबूत करने और राष्ट्रहित में अपनी भूमिका निभाने की अपील की.

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रामलीला समिति ने जताया मुख्यमंत्री का आभार

कार्यक्रम के दौरान श्री श्री आर्यनगर रामलीला समिति के अध्यक्ष पुष्पदंत जैन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया. उन्होंने रामलीला मैदान और मंच को सुरक्षित तथा संसाधन संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया. पुष्पदंत जैन ने कहा कि गोरक्षपीठ की परंपरा सदियों से धर्म और राष्ट्र की रक्षा करती आई है.



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