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इलाहाबाद HC के फैसले के बाद UP में मैरिज रजिस्ट्रेशन के नियम बदले, अब ये दस्तावेज जरूरी


उत्तर प्रदेश में मैरिज रजिस्ट्रेशन के नियमों में बदलाव किया गया है. अब रजिस्ट्रेशन कराने के लिए वर और वधू के ब्लड रिलेशन के लोगों की मौजूदगी जरूरी होगी. इसमें माता-पिता, भाई-बहन, दादा-दादी, नाना-नानी या बालिग बेटे-बेटी शामिल हैं. वही, अब केवल आधार कार्ड के आधार पर उम्र निर्धारित नहीं की जाएगी. उम्र की पुष्टि के लिए जन्म प्रमाणपत्र, हाईस्कूल प्रमाणपत्र और अन्य निर्धारित दस्तावेजों का सहारा लिया जाएगा. ये फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद आईजी स्टांप ने लिया. इसको लेकर निर्देश भी जारी कर दिए गए है. 

प्रमुख सचिव स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन अमित गुप्ता ने इस संबंध मे एसओपी जारी करते हुए विस्तृत दिशा निर्देश भेजे है. इसमें कहा गया है कि मैरिज रजिस्ट्रेशन के समय जरूरी सावधानी बरती जाए. शादी होने वाले दिन तक वर की उम्र 21 और वधू की 18 पूरी होनी चाहिए. इससे कम होने पर विवाह पंजीकरण नहीं किया जाएगा. वही अधिकारी खुद दोनों दोनों की जन्मतिथि का सत्यापन स्वयं करेगा. किसी कर्मचारी से नहीं कराया जाएगा. आधार कार्ड केवल पहचान व पते के लिए है. इसे जन्मतिथि आयु के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा.

शादी करवाने वाले पुरोहित का लगेगा शपथ पत्र 

पुराने नियमों के तहत मैरिज का रजिस्ट्रेशन करने के लिए आधार कार्ड पर दर्ज उम्र के हिसाब से रजिस्ट्रेशन हो जाता था. नए नियम के तहत शादी करवाने वाले पुरोहित का शपथपत्र भी देना होगा. इसमें उनकी पहचान और विवाह संपन्न कराने से जुड़ी जानकारी दर्ज होगी. जरूरत पड़ने पर उनकी गवाही भी दर्ज की जा सकेगी. हालांकि, कुछ परिस्थितियों में रजिस्ट्रेशन अधिकारी छूट दे सकता है. 

नए नियम के तहत शादी का रजिस्ट्रेशन उस ही कार्यालय में होगा जहां पर वर-वधू के माता-पिता का स्थाई पता होगा. जब तक सारे दस्तावेज़ की जांच हो जाती है तब तक प्रमाणपत्र जारी नहीं होगा. वही, अगर परिवार की असहमति के बिना शादी हुई है शादी की वीडियो पेन ड्राइव में सहायक निबंधक कार्यालय में जमा करानी होगी. अधिकारी शादी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के पीछे मुहर लगाकर प्रमाण पत्र जारी करेगा.

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नाबालिगों के विवाह पर रोक लगाने की तैयारी

फैमिली कोर्ट के अधिवक्ता दिव्या मिश्रा ने बताया कि कई बार ऐसे मामले सामने आते हैं जहां पर ऐसी शादियों को कोर्ट में चुनौती दी जाती है. नए नियम से नाबालिक लड़के या लड़कियों की शादियों पर रोक लगेगी. विवाह की तारीख पर वर की उम्र कम से कम 21 वर्ष और वधू की उम्र कम से कम 18 वर्ष होना जरूरी है. बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत निर्धारित उम्र पूरी नहीं होने पर विवाह का पंजीकरण नहीं किया जा सकता. कई मामले में देखा गया है कि फर्जी आधार कार्ड लगा करके शादी का रजिस्ट्रेशन करवाया गया है.



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