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‘इस्लाम में वर्चुअल का फलसफा नहीं, यह प्रैक्टिकल धर्म है’ नितेश राणे पर भड़के मौलाना


अखिल भारतीय मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे के बयानों पर नाराजगी जताते हुए कड़ा जवाब दिया है. मौलाना ने कहा कि नितेश राणे मुसलमानों से वर्चुअल कुर्बानी करने की बात कर रहे हैं.उन्होंने पूछा नितेश राणे को कैसे समझाया जाए? उन्हें इस्लाम का पाठ कैसे पढ़ाया जाए?

मौलाना ने स्पष्ट किया कि इस्लाम में वर्चुअल का कोई फलसफा नहीं है. इस्लाम प्रैक्टिकल धर्म है. इसमें दिखावा, हवा-हवाई या वर्चुअल बातों की कोई जगह नहीं है. कुर्बानी हमेशा से प्रैक्टिकल रूप में होती आई है और आगे भी यही परंपरा जारी रहेगी.

नीतेश राणे ने क्या कहा था?

महाराष्ट्र मंत्री नितेश राणे ने हाल ही में बकरीद के दौरान होने वाली कुर्बानी को लेकर कहा था कि मुसलमान अब वर्चुअल कुर्बानी दें. साथ ही उन्होंने मदरसों पर आरोप लगाते हुए उन्हें आतंकवाद की शिक्षा देने वाले केंद्र बताया था. इस पर मौलाना शहाबुद्दीन ने नितेश राणे को अज्ञानी बताते हुए कहा नितेश राणे ने कभी इस्लाम और मदरसों का अध्ययन ही नहीं किया है.

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मौलाना ने मदरसों का बचाव करते हुए कहा कि 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 1947 तक की आजादी की लड़ाई में उलेमा और मदरसों से जुड़े छात्रों ने बड़ी भूमिका निभाई है. मौलाना ने कहा कि ऐसे बयान समाज में हिंदू मुस्लिम तनाव बढ़ाने वाले हैं उन्होंने नितेश राणे जैसे नेताओं से अपील की कि वे बयानबाजी से पहले तथ्यों का अध्ययन करें. इस मुद्दे पर दोनों समुदायों में चर्चा तेज हो गई है.मौलाना रज़वी ने सभी से शांति बनाए रखने और भड़काऊ बयानों से दूर रहने की अपील की है.

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