साल 2027 में राजकुमार राव पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली की बायोपिक में नजर आएंगे. फिलहाल तो वो फैंस का दिल फिल्म ‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम’ से जीत रहे हैं. आज ही रिलीज हुई इस मूवी में उन्होंने मशहूर और वरिष्ठ वकील उज्जवल वकील का किरदार निभाया है. आइए जानते हैं कि आखिर उज्जवल निकम कौन हैं? कानूनी मामलों से लेकर राजनीति तक में उनके चर्चे होते हैं.
कौन हैं उज्जवल निकम?
उज्जवल निकम की पहचान देश के सबसे चर्चित और वरिष्ठ वकीलों में होती है. 73 वर्षीय उज्जवल का जन्म 30 मार्च 1953 को महाराष्ट्र के जलगांव जिले में हुआ था. उन्होंने शुरुआत में जलगांव जिला अभियोजक के रूप में काम किया था. उज्जवल ने 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के दोषी आतंकवादी अजमल कसाब के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ते हुए उसे फांसी दिलाई थी. प्रहार में इसी मुद्दे को दिखाया गया है.
संजय दत्त को पहुंचाया था जेल!
उज्जवल निकम देश के कई प्रमुख मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं. साल 1993 में जब बॉम्बे ब्लास्ट केस में अवैध हथियार रखने को लेकर बॉलीवुड सुपरस्टार संजय दत्त को जेल हुई थी तब भी उज्ज्वल का नाम चर्चा में रहा था. उन्होंने संजय के खिलाफ केस में पैरवी की थी. उन्हें महाराष्ट्र सरकार की ओर से सरकारी वकील के तौर पर पेश किया गया था.
गुलशन कुमार का केस संभाला
मशहूर गायक और टी-सीरीज के फाउंडर गुलशन कुमार की साल 1997 में अंडरवर्ल्ड ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस मर्डर केस में उज्ज्वल सरकारी वकील थे. उन्होंने म्यूजिक कंपोजर नदीम सैफी पर आरोप लगाया था कि वो गुलशन की हत्या की साजिश में शामिल रहे हैं. हालांकि ये उज्ज्वल का व्यक्तिगत दावा था. ये दावा कोर्ट में साबित नहीं हुआ था. उन्होंने ये भी कहा था कि गुलशन कुमार की हत्या के कारण ही नदीम ने देश छोड़ा था.
राज्यसभा सांसद भी हैं उज्जवल
उज्जवल निकम की पहचान अब एक पॉलिटिशियन के रूप में भी हैं. बता दें कि साल 2024 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर मुंबई उत्तर-मध्य लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था. लेकिन, उन्हें कांग्रेस लीडर वर्षा गायकवाड़ ने हरा दया था. 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया था. वो फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं.
