उत्तराखंड के डाक विभाग में हुई ग्रामीण डाक सेवकों की नई भर्ती लिस्ट ने सबको हैरत में डाल दिया है. खबर पौड़ी से है जहां डाक मंडल को हाल ही में 61 नए ग्रामीण डाक सेवक मिले हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि इन में से 58 लोगों ने हाईस्कूल की परीक्षा में सभी विषयों में 100 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. बाकी तीन में से एक के 99 और दो के 94 प्रतिशत अंक हैं.चयन सूची जारी होते ही अंकों का यह गणित क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है.
डाक सेवकों की भर्ती प्रक्रिया अखिल भारतीय स्तर पर मेरिट के आधार पर होती है. भर्ती में हाईस्कूल के विषयों में प्राप्त अंकों को ही आधार बनाया जाता है. भर्ती की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ही संचालित की जाती है.
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देशभर से होते हैं आवेदन
गौरतलब है कि पूरे देश में किसी भी कोने से इस भर्ती के लिए आवेदन किया जा सकता है. इस भर्ती प्रक्रिया में एक चीज़ और है जो चौंकाने वाली है कि भर्ती होने वाले सभी अभ्यर्थी पंजाब, हरियाणा और बिहार से हैं. मिली जानकारी के अनुसार 14 अभ्यर्थी पदभार ग्रहण करने के लिए पौड़ी पहुंच चुके हैं, जबकि बाकी के भी जल्द पहुंच सकते हैं.
दस्तावेजों की जांच जारी
चयन सूची जारी होते ही स्थानीय स्तर विरोध शुरू हो चुका है. इस पूरे मामले पर सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि डाक सेवकों का चयन जिला स्तर पर होना चाहिए, ताकि स्थानीय युवाओं को अवसर मिले जो कि क्षेत्र की परिस्थितियों से परिचित भी हों. जिसके बाद से ही डाक सेवकों के शैक्षणिक सहित अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है.
यह जांच प्रधान डाकघर अधीक्षक की निगरानी में चल रही है, जिन्होंने स्पष्ट किया कि जो अभ्यर्थी मानकों पर खरे उतरेंगे उन्हें ही ज्वाइनिंग दी जाएगी. इस मामले में एक अहम बात और है वर्ष 2024 में पौड़ी में नियुक्त चार ग्रामीण डाक सेवकों के शैक्षणिक दस्तावेज फर्जी पाए गए थे. इसके बाद उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी गई थी. इसी अनुभव के चलते इस बार दस्तावेजों की जांच को लेकर विभाग विशेष सतर्कता बरत रहा है.
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