दिल्ली के कनॉट प्लेस में 12 अक्टूबर को जब चारों तरफ भारी पुलिस बल, नारेबाजी और अफरा-तफरी का माहौल था, तब कोलकाता की रहने वाली एक महिला ने बिना एक शब्द बोले हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. अद्रिता रोशनी (Adrita Roshni) नाम की यह महिला बिना कोई नारा लगाए हाथों में तिरंगा थामे लगातार 5 घंटे से अधिक समय तक एक ही जगह पर खामोश खड़ी रही. स्वतंत्र पत्रकार फातिमा खान द्वारा रिकॉर्ड किया गया इस मौन सत्याग्रह का वीडियो अब इंस्टाग्राम पर तेजी से वायरल हो रहा है.
1 बजे से शाम 6 बजे तक थामे रखा तिरंगा, बोलीं…”हाथों का दर्द देश के दर्द से बड़ा नहीं”
वीडियो में देखा जा सकता है कि कनॉट प्लेस में चारों तरफ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी और पुलिस मौजूद थी. इस बीच अद्रिता को घंटों तक तिरंगा लेकर अडिग खड़े देख जब पत्रकार फातिमा ने उनसे पूछा कि वह कब से खड़ी हैं, तो उन्होंने बताया कि वह दोपहर 1 बजे से वहीं हैं और तब शाम के 6:15 बज चुके थे. जब उनसे पूछा गया कि क्या इतनी देर तिरंगा थामे रहने से उनके हाथों में दर्द नहीं हो रहा, तो अद्रिता ने दिल छू लेने वाला जवाब दिया… “इस देश का हर इंसान दर्द में है, इसलिए मेरे हाथों के इस छोटे से दर्द से कोई फर्क नहीं पड़ता.”
“किसी भी पार्टी से नहीं हूँ, संविधान बचाने आई हूं”
अद्रिता ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में महिलाओं और पत्रकारों के साथ हुए व्यवहार को देखकर उन्होंने इस तरह शांत रहकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का फैसला किया. उन्होंने दो दिन पहले एक वकील के साथ खुद को हिरासत में लिए जाने की घटना को भी याद किया. अद्रिता ने कहा “चाहे आप ऑटो चलाते हों या कोई भी काम करते हों, संविधान को बचाने के लिए जो बन पड़े वो करिए. मैं किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं हूं, हम सब इसमें एक साथ हैं.” उन्होंने यह भी बताया कि इस तनावपूर्ण माहौल में भी अजनबियों ने आकर उनसे पानी और खाने के लिए पूछा, जो भारत की असली इंसानियत और ताकत है.
चुनाव सूची में गड़बड़ी को लेकर हो रहा था प्रदर्शन
आपको बता दें कि यह प्रदर्शन CJP और छात्र संगठनों द्वारा मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) और गड़बड़ियों के आरोपों के खिलाफ आयोजित किया गया था. पुलिस ने पूरे इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर रखा था और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था. ऐसे माहौल में अद्रिता के इस अहिंसक और खामोश तरीके से किए गए विरोध ने हजारों लोगों का दिल जीत लिया है.
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सोशल मीडिया पर सलाम, लोग बोले- “यह है असली भारतीय भावना”
इंटरनेट पर यह वीडियो आते ही अद्रिता के इस धैर्य और जज्बे की जमकर तारीफ हो रही है. एक यूजर ने लिखा…”बिना शोर शराबे के इतना प्रभावशाली विरोध, इस महिला के जज्बे को सलाम है.” दूसरे यूजर ने कमेंट किया…”तिरंगे के साथ इस तरह खामोश खड़े रहना नारेबाजी से कहीं ज्यादा ताकतवर संदेश देता है.” वहीं एक अन्य यूजर ने कहा…”इंसानियत और संविधान के लिए खड़े होने वाली इस महिला ने साबित कर दिया कि भारत की आत्मा अभी भी जिंदा है.”
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