कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर वाल्मीकि कॉर्पोरेशन विवाद को लेकर घमासान तेज हो गया है. विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने रविवार (23अगस्त 2026) को ऐलान किया कि बीजेपी और उसकी सहयोगी जेडीएस 24 अगस्त को बेंगलुरु में विधान सौधा का घेराव करेगी. विपक्ष की मुख्य मांग प्लानिंग और स्टैटिस्टिक्स मंत्री बी. नागेंद्र को मंत्रिमंडल से हटाने की है.
आर. अशोक ने आरोप लगाया कि नागेंद्र का नाम कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से जुड़े कथित घोटाले में सामने आया है. उनके मुताबिक, इस मामले में करीब 89 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता हुई थी और इसी वजह से मंत्री को पद से हटाया जाना चाहिए.
फ्रीडम पार्क से निकलेगा मार्च
आर. अशोक ने बताया कि बीजेपी सोमवार सुबह 9:30 बजे बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क से मार्च निकालेगी. इसके बाद कार्यकर्ता विधान सौधा का घेराव करेंगे. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र के भी प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही गई है. अशोक ने कहा कि पार्टी का आंदोलन सिर्फ सड़क तक सीमित नहीं रहेगा. उन्होंने दावा किया कि विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह सरकार पर दबाव बनाया जाएगा.
क्या है वाल्मीकि कॉर्पोरेशन विवाद?
वाल्मीकि कॉर्पोरेशन विवाद मई-जून 2024 में सामने आया था. उस समय निगम के अकाउंट्स सुपरिटेंडेंट पी. चंद्रशेखरन ने आत्महत्या कर ली थी. उन्होंने कथित वित्तीय अनियमितताओं का जिक्र करते हुए एक नोट भी छोड़ा था. इसके बाद हुई जांच में आरोप सामने आया कि निगम के यूनियन बैंक खाते से करीब 89 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में कथित तौर पर अवैध तरीके से ट्रांसफर किए गए. बाद की जांच में कथित फंड डायवर्जन की कुल रकम करीब 187 करोड़ रुपये तक पहुंचने की बात सामने आई. इस मामले ने कर्नाटक की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था.
नागेंद्र ने 2024 में दिया था इस्तीफा
विवाद के समय बी. नागेंद्र कर्नाटक सरकार में अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री थे. मामले और केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच उन्होंने 6 जून 2024 को सिद्धारमैया सरकार से इस्तीफा दे दिया था. हालांकि, 3 अगस्त 2026 को उन्हें मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की कैबिनेट में दोबारा शामिल किया गया. इस बार उन्हें प्लानिंग और स्टैटिस्टिक्स विभाग की जिम्मेदारी दी गई. कैबिनेट विस्तार में कांग्रेस के 19 विधायकों को मंत्री बनाया गया था.
