पाकिस्तान ने 19 अगस्त को इस्लामाबाद में चार्ज डी’अफेयर्स नताली बेकर को तलब किया था, जिस पर भारत का रिएक्शन आया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘मुझे पाकिस्तान के फ्रस्ट्रेशन पर कमेंट करने का कोई कारण नहीं दिखता.’ जम्मू कश्मीर पर सर्जियो गोर की टिप्पणी से पाकिस्तान को मिर्ची लगी थी. पाक ने बुधवार (19 अगस्त 2026) को इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी (चार्जे डी अफेयर्स) को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पाकिस्तान को दो टूक कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र-शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और हमेशा रहेगा.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका के राजदूत की जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर की गई कथित ‘तथ्यात्मक रूप से गलत’ टिप्पणियों पर विरोध पत्र सौंपा गया. बयान में कहा गया कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को ‘भारत का हिस्सा’ बताए जाने की टिप्पणी को खारिज कर दिया. पाकिस्तान ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विवादित क्षेत्र है, जिसका अंतिम निर्णय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों और कश्मीरी जनता की आकांक्षाओं के अनुसार होना बाकी है. पाकिस्तान ने ये भी कहा कि अमेरिकी राजदूत का यह गैर-जिम्मेदाराना बयान जम्मू-कश्मीर विवाद पर अमेरिका के लंबे समय से चले आ रहे रुख के विपरीत है. यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर की सर्वोच्चता के प्रति अमेरिका की घोषित प्रतिबद्धता से भी मेल नहीं खाता.
अमेरिकी राजदूत की टिप्पणियों के खिलाफ यह विरोध पत्र पाकिस्तान की ओर से दर्ज किया गया एक औपचारिक कूटनीतिक विरोध था. विदेश मंत्रालय ने संदेश में दोहराया कि जम्मू-कश्मीर के भविष्य का फैसला स्थापित अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया के तहत होना चाहिए, न कि किसी एकतरफा दावे के आधार पर. इससे पहले भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर के अपने पहले दौरे के दौरान कहा कि अमेरिका केंद्र शासित प्रदेश के लिए जारी यात्रा संबंधी एडवाइजरी पर फिर से विचार करेगा. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.
सर्जियो गोर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की अपनी पहली यात्रा को लेकर वह बेहद उत्साहित हैं. उन्होंने क्षेत्र की खूबसूरती की भी तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘यह एक बेहद खूबसूरत जगह है. मैं यहां आकर और इस जगह को देखकर बहुत उत्साहित हूं. हमारी बैठक बहुत अच्छी रही. कुछ मुद्दों पर आगे भी काम किया जाना है, जिन्हें हम वाशिंगटन और दिल्ली तक ले जाने की उम्मीद करते हैं.
