- टीएमसी ने स्पीकर के फैसले का विरोध किया, याचिकाएं लंबित।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में 15 सालों तक सत्ता में रहने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल होने वाले 20 बागी सांसदों के लोकसभा में अलग से बैठने की व्यवस्था पर सदन के स्पीकर ओम बिरला की तरफ से मंजूरी मिल चुकी है. इसके साथ ही, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने काकोली घोष दस्तीदार को संसद में NCPI के चीफ व्हिप और सुदीप बंद्योपाध्याय को फ्लोर लीडर के रूप में भी मान्यता दे दी है.
मानसून सत्र में नई पारी की शुरुआत करेगी NCPI
लोकसभा स्पीकर की तरफ से NCPI सांसदों के अलग बैठने की व्यवस्था को मंजूरी और नेताओं को मान्यता मिलने के बाद अब नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया देश की संसद के आने वाले मानसून सत्र में केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी दल के रूप में अपनी नई शुरुआत करने जा रही है.
NDA में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 239 सांसदों के बाद नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) 20 सांसदों के समर्थन के साथ गठबंधन का दूसरा सबसे बड़ा सहयोगी दल है.
लोकसभा स्पीकर के फैसले का TMC ने किया विरोध
वहीं, NCPI सांसदों के संसद में अलग से बैठने की व्यवस्था को मंजूरी मिलने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस पर विरोध जताया है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी ने रविवार (19 जुलाई, 2026) को इस संबंध में बयान जारी कर लोकसभा अध्यक्ष के तरफ से दी गई मंजूरी को विरोध जताया है.
उन्होंने कहा, ‘लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के पास हमने बागी सांसदों के खिलाफ दल-बदल के आधार पर अयोग्यता की मांग करने वाली याचिकांए दाखिल कीं, जो पहले से ही लंबित हैं. ऐसे में उन 20 बागियों के संसद में अलग से बैठने की व्यवस्था पर मंजूरी देने से पहले टीएमसी की याचिकाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. स्पीकर की तरफ से बागी सांसदों को मान्यता देना उम्मीद के मुताबिक नहीं है.’
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