Headlines

क्या थमेगी जंग या और भड़केगा संकट? वॉशिंगटन में इजरायल-लेबनान के बीच वार्ता जारी, मार्को रुबियो भी मौजूद


Israel Lebanon Talks: दशकों बाद इजरायल और लेबनान के बीच सीधे तौर पर बातचीत शुरू हो गई है. वॉशिंगटन डीसी में अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट में चल रही इस अहम बैठक को वैश्विक स्तर पर बड़े कूटनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, इसी बीच दक्षिणी लेबनान में इजरायल के हमलों ने तनाव और बढ़ा दिया है, जिससे संघर्षविराम पर खतरा मंडराने लगा है.

इजरायल और लेबनान के राजदूतों के बीच वॉशिंगटन डीसी में बैठक शुरू हो गई है. यह मीटिंग अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट में हो रही है. लेबनान की ओर से राजदूत निदा अमावी और इजरायल की ओर से राजदूत येचिल लिटर इस वार्ता में शामिल हैं. इस अहम बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी मौजूद हैं.

दशकों बाद आमने-सामने बातचीत

न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार,  इजरायल और लेबनान के अधिकारी मंगलवार को वॉशिंगटन में दुर्लभ प्रत्यक्ष वार्ता कर रहे हैं. दोनों देशों के बीच कोई औपचारिक कूटनीतिक संबंध नहीं हैं इसलिए यह बैठक बेहद असामान्य मानी जा रही है. इस वार्ता में अमेरिका में तैनात दोनों देशों के राजदूत शामिल हैं और स्टेट डिपार्टमेंट के अनुसार अमेरिकी विदेश मंत्री भी इसमें भाग ले रहे हैं. इसी बीच इजरायल ने हिजबुल्लाह के खिलाफ अपने व्यापक सैन्य अभियान के तहत दक्षिणी लेबनान में नए हमले शुरू कर दिए हैं. इस बढ़ते संघर्ष ने मौजूदा संघर्षविराम को खतरे में डाल दिया है.

‘यह प्रक्रिया है, कोई एक घटना नहीं’

बैठक से पहले मार्को रुबियो ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह बातचीत भविष्य की वार्ताओं के लिए एक ढांचा तैयार करेगी. उन्होंने कहा, “यह एक प्रक्रिया है, कोई एक घटना नहीं है. इस मुद्दे की जटिलताएं अगले छह घंटों में हल नहीं होंगी.”

लेबनान के भीतर भी बढ़ा विरोध

वॉशिंगटन में हो रही यह वार्ता लेबनान के भीतर भी विवाद का कारण बन गई है. देश में इस मुद्दे पर राजनीतिक मतभेद सामने आ रहे हैं. हिजबुल्लाहने इन वार्ताओं को पूरी तरह खारिज कर दिया है. हाल के दिनों में उसके समर्थकों ने बेरूत की सड़कों पर उतरकर इस बातचीत के खिलाफ प्रदर्शन भी किया है. इस स्थिति ने देश में अस्थिरता की आशंका को और बढ़ा दिया है.

बैठक से पहले जब यह सवाल पूछा गया कि क्या इजरायल हिजबुल्लाहके साथ संघर्षविराम पर सहमत हो सकता है, तो रुबियो ने कहा, “यह सिर्फ उसी तक सीमित नहीं है. यह इस क्षेत्र में पिछले 20-30 साल से हिजबुल्लाहके प्रभाव को खत्म करने से जुड़ा मामला है.” लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2 मार्च से अब तक इजरायली हमलों में 2,124 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 6,921 लोग घायल हुए हैं.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *