उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा में ‘जेन-जी अल्फा’ (Gen Alpha) छात्रों के एक बड़े आंदोलन की चिंगारी भड़कने से पहले ही बुझ गई. खटीमा के एकलव्य मॉडर्न आवासीय विद्यालय में अव्यवस्थाओं को लेकर छात्रों ने मोर्चा खोल दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के त्वरित एक्शन ने मामले को तुरंत शांत करा दिया. सीएम के निर्देश पर स्कूल की प्रधानाचार्य को हटा दिया गया है.
सोमवार (10 अगस्त) शाम को विद्यालय परिसर में छठी से 12वीं कक्षा तक के छात्रों ने धरना शुरू कर दिया था. छात्रों का आरोप था कि उन्हें लंबे समय से गुणवत्ताहीन और खराब खाना परोसा जा रहा है. इसके अलावा, पीने का पानी दूषित है और शौचालयों में साफ-सफाई का घोर अभाव है. इन अव्यवस्थाओं से आजिज आकर दोपहर से ही छात्र परिसर में इकट्ठा होने लगे और अभिभावकों की मौजूदगी में जमकर नारेबाजी की.
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सीएम के गृह नगर का था मामला, तुरंत हुआ एक्शन
चूंकि खटीमा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का गृह नगर है, इसलिए इस आंदोलन की चर्चा तेजी से फैल गई. स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बिना देर किए इस पूरे प्रकरण की सूचना सीएम धामी तक पहुंचाई. मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल संज्ञान लिया और स्कूल की प्रधानाचार्य भारती यादव को उनके पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया.
अभिभावकों के गंभीर आरोप: शिकायत करने पर मिलती थी धमकी
इस एकलव्य आवासीय विद्यालय में जनजाति समुदाय के करीब 400 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं. अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से अव्यवस्थाएं हावी हैं. जब भी कोई अभिभावक या छात्र प्रधानाचार्य से खराब व्यवस्था की शिकायत करता था, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता था और उन्हें धमकाया जाता था.
‘धामी जिंदाबाद’ के नारों के साथ खत्म हुआ धरना
शाम को जब मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से प्रधानाचार्य को हटाने और व्यवस्था में तत्काल सुधार करने के आदेश की खबर स्कूल पहुंची, तब जाकर छात्रों का गुस्सा शांत हुआ. सीएम की इस त्वरित कार्रवाई से खुश होकर छात्रों और अभिभावकों ने ‘धामी जिंदाबाद’ के नारे लगाए और अपना धरना खत्म कर दिया. फिलहाल स्कूल में स्थिति सामान्य हो गई है.
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