भारत में इलेक्ट्रिक कारों की लोकप्रियता बढ़ रही है, लेकिन चार्जिंग की सुविधा और लंबी दूरी की यात्रा को लेकर कुछ ग्राहकों के मन में अब भी सवाल हैं. इसी बीच Mercedes-Benz India लग्जरी कार बाजार में Plug-in Hybrid Electric Vehicle यानी PHEV तकनीक की संभावनाएं तलाश रही है. कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO संतोष अय्यर के मुताबिक, ग्राहक ऐसी कारों के लिए ज्यादा कीमत देने को तैयार हो सकते हैं, जिनमें इलेक्ट्रिक ड्राइविंग के साथ पेट्रोल इंजन का विकल्प भी मिले.
PHEV कार को बाहर से चार्ज किया जा सकता है और बैटरी में बिजली होने पर इसे इलेक्ट्रिक मोड में चलाया जा सकता है. जरूरत पड़ने पर पेट्रोल इंजन भी काम करता है. कंपनी का मानना है कि यह तकनीक उन ग्राहकों के लिए उपयोगी हो सकती है, जो इलेक्ट्रिक कार का अनुभव चाहते हैं, लेकिन चार्जिंग की सुविधा को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं.
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PHEV कारों के लिए 5-6% ज्यादा कीमत
Mercedes-Benz India के CEO संतोष अय्यर के अनुसार, Plug-in Hybrid कारें तुलनीय पेट्रोल या पूरी तरह इलेक्ट्रिक कारों के मुकाबले लगभग 5-6 प्रतिशत महंगी हो सकती हैं. इसके बावजूद कंपनी को उम्मीद है कि लग्जरी कार खरीदने वाले ग्राहक इस अतिरिक्त कीमत को स्वीकार कर सकते हैं. इसकी एक वजह इलेक्ट्रिक और पेट्रोल, दोनों तरह से गाड़ी चलाने की सुविधा है. ग्राहक रोजाना ऑफिस जाने या आसपास की यात्रा के लिए इलेक्ट्रिक मोड का इस्तेमाल कर सकते हैं. वहीं, लंबी दूरी पर जाते समय या चार्जिंग उपलब्ध नहीं होने पर पेट्रोल इंजन का विकल्प मौजूद रहता है. अय्यर का यह भी मानना है कि ऐसी गाड़ियों की रीसेल वैल्यू बेहतर रह सकती है, हालांकि वास्तविक रीसेल वैल्यू मॉडल, स्थिति और बाजार की मांग पर निर्भर करेगी.
100 KM तक Electric Range का विकल्प
कंपनी ने Mercedes-Maybach S-Class Plug-in Hybrid का उदाहरण दिया है, जिसकी इलेक्ट्रिक रेंज करीब 100 किलोमीटर बताई गई है. इस तरह की रेंज रोजाना की कई छोटी यात्राओं के लिए उपयोगी हो सकती है, बशर्ते बैटरी चार्ज हो और वास्तविक ड्राइविंग परिस्थितियां अनुकूल हों. Mercedes-Benz भारत में अपने Plug-in Hybrid पोर्टफोलियो का विस्तार भी कर रही है. कंपनी ने Mercedes-Maybach S-Class में यह तकनीक पेश की है. इसके अलावा, E53 AMG Plug-in Hybrid भी पेश की जा चुकी है और इसकी डिलीवरी शुरू होने की जानकारी रिपोर्ट में दी गई है. कंपनी का उद्देश्य ग्राहकों को केवल एक तरह के पावरट्रेन तक सीमित रखने के बजाय उनकी जरूरत के अनुसार अलग-अलग विकल्प उपलब्ध कराना है.
EV की बिक्री में भी हुई बढ़ोतरी
Mercedes-Benz India के मुताबिक, जनवरी से सितंबर 2026 के बीच कंपनी के इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. इस दौरान इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी कंपनी की कुल बिक्री में करीब 8-9 प्रतिशत रही. कंपनी का कहना है कि भविष्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ते समय पेट्रोल, डीजल, पूरी तरह इलेक्ट्रिक और Plug-in Hybrid जैसे विकल्पों की भूमिका हो सकती है. हालांकि, PHEV हर ग्राहक के लिए सबसे किफायती विकल्प हो, यह जरूरी नहीं है. इसकी ज्यादा शुरुआती कीमत, बैटरी चार्ज करने की सुविधा और इस्तेमाल के तरीके को ध्यान में रखना होगा. जो ग्राहक नियमित रूप से चार्ज कर सकते हैं, उन्हें इलेक्ट्रिक मोड का ज्यादा फायदा मिल सकता है. वहीं, चार्जिंग की सुविधा न होने पर पेट्रोल इंजन अतिरिक्त सहूलियत देता है.
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