मुश्किल समय इंसान को अंदर से तोड़ भी सकता है और पहले से ज्यादा मजबूत भी बना सकता है. बंगाल के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल के साथ भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला. दिल्ली के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मुकाबले में शानदार शतक लगाने के बाद पोरेल मैदान पर ही घुटनों के बल बैठ गए और रोने लगे. पिछले कुछ समय से कानूनी मामले का सामना कर रहे पोरेल ने बताया कि वो रोना नहीं चाहते थे, लेकिन अपने आंसू रोक नहीं पाए. उन्होंने कहा कि इस मुश्किल दौर ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया है.
दिल्ली के खिलाफ रणजी ट्रॉफी के ग्रुप-सी मुकाबले में पोरेल ने शानदार बल्लेबाजी की. शतक पूरा करने के बाद उनका भावुक होना चर्चा का विषय बन गया. दिन का खेल खत्म होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अपने इस रिएक्शन के बारे में बात की.
पोरेल ने कहा, मैं रोना नहीं चाहता था, लेकिन आंसू अपने आप निकल आए. उन्होंने साफ किया कि वो किसी विवाद पर बोलने के बजाय अपने बल्ले से जवाब देना चाहते हैं. उनका ध्यान सिर्फ क्रिकेट खेलने और अच्छा प्रदर्शन करने पर है.
मुश्किल दौर ने बनाया मजबूत
पोरेल ने बताया कि कठिन समय में उन्होंने काफी कुछ सीखा है. इन अनुभवों ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया. बल्लेबाजी के दौरान भी वो यही सोच रहे थे कि उन्हें किसी को कुछ कहने के बजाय रन बनाकर जवाब देना है.
बंगाल ने दिल्ली के खिलाफ बनाई बढ़त
मैच में दिल्ली की पहली पारी 240 रनों पर सिमट गई. इसके जवाब में बंगाल ने शानदार बल्लेबाजी की. दिन का खेल खत्म होने तक टीम ने 79 ओवर में 3 विकेट पर 304 रन बना लिए थे.
सुदीप कुमार घरामी 122 रन और अभिषेक पोरेल 114 रन बनाकर बिना आउट हुए थे. दोनों ने चौथे विकेट के लिए 199 रनों की अटूट साझेदारी की, जिससे बंगाल मजबूत हालात में पहुंच गया.
पोरेल पर क्या हैं आरोप
कर्नाटक की एक मेडिकल छात्रा ने 23 जून को पोरेल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. महिला का दावा था कि दोनों करीब साढ़े तीन साल से रिश्ते में थे और शादी की योजना बना रहे थे. बाद में उसने आरोप लगाया कि पोरेल ने रिश्ते से इनकार कर दिया.
मामले में कथित दुष्कर्म और आपराधिक धमकी के आरोप शामिल हैं. शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी. कलकत्ता हाईकोर्ट ने 20 जुलाई को पुलिस को पोरेल की गिरफ्तारी का निर्देश दिया था. इन आरोपों को अदालत में साबित होना अभी बाकी है.
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