रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक बार फिर तनाव कम करने की उम्मीद जगी है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोमवार (14 सितंबर 2026) को कहा कि अगर सहयोगी देश रूस से यूक्रेन के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने की ठोस और लंबे समय तक लागू रहने वाली गारंटी दिला दें, तो यूक्रेन भी रूस के क्षेत्र में ऊर्जा ठिकानों पर अपने हमले रोकने के लिए तैयार है.
जेलेंस्की ने कहा कि अब किसी अस्थायी समझ या कुछ दिनों के लिए होने वाले समझौते की जरूरत नहीं है. उनका कहना है कि ऐसा फैसला होना चाहिए जो लंबे समय तक कायम रहे और सिर्फ राजनीतिक फायदे या चुनाव को ध्यान में रखकर न किया गया हो.
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ट्रंप के दावे के बाद जेलेंस्की की प्रतिक्रिया
जेलेंस्की का बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद आया. ट्रंप ने दावा किया था कि रूस और यूक्रेन अपने-अपने ऊर्जा ढांचे को निशाना नहीं बनाने पर सहमत हुए हैं. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह सहमति किस स्तर पर हुई और इसे लागू करने के लिए क्या शर्तें तय की गई हैं. ट्रंप के बयान के बाद जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन अपने सहयोगियों से इस कथित समझ को लेकर स्पष्ट जानकारी का इंतजार कर रहा है. उनके मुताबिक, अगर अमेरिका और दूसरे सहयोगी यह सुनिश्चित कर सकें कि रूस वास्तव में यूक्रेन के खिलाफ हमले रोकने के लिए तैयार है, तो कीव भी तनाव कम करने की दिशा में कदम उठाएगा.
रूसी तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाने पर ट्रंप की अपील
ट्रंप का यह बयान उस अपील के एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने जेलेंस्की से रूस की तेल रिफाइनरियों और डीजल के उत्पादन तथा वितरण से जुड़े दूसरे ढांचे पर हमले रोकने को कहा था. ट्रंप ने दावा किया था कि रूस के ऊर्जा ढांचे पर यूक्रेनी हमलों का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की उपलब्धता पर पड़ रहा है. हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में विस्तृत जानकारी नहीं दी. रूस की ओर से ट्रंप के इस नए दावे पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई.
पहले भी नाकाम हो चुके हैं युद्ध विराम के प्रयास
रूस और यूक्रेन के बीच पहले भी कई बार सीमित युद्धविराम या हमले रोकने की कोशिशें हुई हैं. लेकिन इनमें से कुछ समझौते बहुत कम समय में टूट गए. दोनों देशों ने एक-दूसरे पर तय शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया. इसी वजह से जेलेंस्की इस बार ऐसी गारंटी की बात कर रहे हैं जो केवल कुछ घंटों या दिनों तक सीमित न रहे. यूक्रेन का कहना है कि अगर रूस की ओर से महत्वपूर्ण नागरिक और ऊर्जा ढांचे पर हमले वास्तव में रुकते हैं, तो वह भी अपनी सैन्य कार्रवाई कम करने के लिए तैयार हो सकता है.
क्या आगे बढ़ सकती है शांति की कोशिश?
ट्रंप के दावे और जेलेंस्की की प्रतिक्रिया के बाद दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिशों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि रूस और यूक्रेन के बीच वास्तव में कोई औपचारिक समझौता हुआ है या नहीं.
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