Headlines

जॉर्डन में जहां खड़े थे अमेरिकी विमान, वहां ईरान ने ड्रोन- बैलिस्टिक मिसाइल से किया अटैक


जॉर्डन में तैनात कई अमेरिकी सैन्य विमानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से ईरान ने हमला किया है. यह कार्रवाई ईरान के कई जगहों पर रातभर हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई है. इसमें कम से कम 8 लोगों की मौत की खबर सामने आई है. 

घटना जॉर्डन की सेना की तरफ से तीन ईरानी मिसाइलों को मार गिराने के बाद हुई है. इसमें फिलहाल किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है. वहीं मध्यपूर्व में युद्ध और तेज हो गया है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक बयान में कहा है कि उन्होंने कई अमेरिकी रीफ्यूलिंग विमानों और लड़ाकू जेट विमानों को नष्ट कर दिया है. साथ ही कई अन्य को भारी नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने जॉर्डन के लोगों से अपने देश में आक्रमक और इस्लाम विरोधी अमेरिकियों के हितों को निशाना बनाने का आह्वान किया है. 

इसके अलावा सीरिया और इराक को भी निशाना बनाया गया
सरकारी मीडिया ने बताया कि आईआरजीसी ने कहा है कि उन्होंने ईरान शहर में ईरानी सैनिकों की हत्या के जवाब में सीरिया के अल तनफ में अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड सेंटर पर हमला किया. हालांकि, किसी तरह की पुष्टी नहीं की गई है. 

यह भी पढ़ें : पाकिस्तान आर्मी का क्रूर चेहरा! 38 दिन में PoK में कर दी 56 की हत्या, लाशें भी नहीं लौटाईं, प्रदर्शनकारियों की आसिम मुनीर को धमकी

नॉर्थ इराक के अर्ध स्वायत्त कुर्द इलाके के इरबिल और सुलेमानिया में धमाकों की आवाज सुनी गई. सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि यह हमला संभवत ईरानी कुर्द असंतुष्ट समूह ‘कोमाला’ को निशाना बनाकर किया गया था. इसमें कम से कम नौ लोग मारे गए और अन्य घायल हो गए. ईरान ने तुरंत इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन अतीत में वह कोमाला को निशाना बनाता रहा है.

अमेरिकी सेना ने कहा- सेना को सीमा से हटाया गया

इधर, अमेरिका की सेना ने कहा कि उसने सीरिया, जॉर्डन और इराक की सीमा के मिलन बिंदु पर स्थित अलतनफ बेस से अपनी सेना हटा ली है. सीरिया ने खुद को इस क्षेत्रीय संघर्ष से दूर रखने की कोशिश की है. इसने लेबनान, और इराक जैसे पड़ोसी देशों को अपनी चपेट में ले लिया है.

इससे पहले सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल शारा ने मार्च में कहा था कि उनका देश किसी भी संघर्ष से तब तक दूर रहेगा, जबतक उसपर हमला न हो. उन्होंने कहा कि जबतक किसी पक्ष की तरफ से सीरिया को निशाना नहीं बनाया जाता, तबतक सीरिया किसी भी संघर्ष से दूर रहेगा. साथ ही ईरान स्पष्ट कर दिया है कि हॉर्मुज पर ईरान का पूरा कंट्रोल है. जबतक अमेरिकी हमले जारी रहेंगे, तबतक इस जलमार्ग से कोई तेल या गैस निर्यात नहीं किया जाएगा. 

यह भी पढ़ें : जंतर-मंतर पर CJP प्रोटेस्ट में शामिल हुए पवन खेड़ा, सोनम वांगचुक से बोले- ‘जान जोखिम में ना डालें, ये तरीका…’



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *