खेती-किसानी में इंसानी मेहनत के साथ मशीनों का तालमेल बहुत जरूरी हो गया है. और इनमें ट्रैक्टर सबसे जरूरी चीज है. खेती को आसान के लिए आज के दौर में ट्रैक्टर हर किसान की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है. चाहे खेत की जुताई हो, बुवाई हो या फसल को मंडी तक ले जाना हो बिना ट्रैक्टर के खेती के कई काम अटक जाएंगे. बड़े किसानों के पास एक नहीं बल्कि कई ट्रैक्टर होते हैं. लेकिन छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक अदद ट्रैक्टर के लिए अपनी जेब से लाखों रुपये खर्च बड़ी बात हो जाती है.
उनके लिए नया ट्रैक्टर खरीदना किसी बड़े सपने जैसा होता है. लेकिन छोटे किसानों की इसी परेशानी को दूर करने के लिए सरकार एक बहुत ही अच्छी योजना लेकर आई है. जिसके तहत मिनी ट्रैक्टर खरीदने पर 2.45 लाख रुपये तक की भारी सब्सिडी दी जा रही है. अगर आप भी अपने खेत के लिए नया ट्रैक्टर या फिर और मशीनें लेने की सोच रहे हैं. तो यह मौका हाथ से न जाने दें. जानें कैसे ले सकते हैं इस सब्सिडी स्कीम का फायदा.
किन कृषि यंत्रों पर मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
मध्य प्रदेश सरकार की इस योजना का फायदा सिर्फ मिनी ट्रैक्टर खरीदने तक नहीं है. किसानों को कई दूसरे आधुनिक कृषि उपकरणों पर भी अच्छी सब्सिडी दी जा रही है. योजना के तहत 15 से 20 हॉर्स पावर वाले मिनी ट्रैक्टर की खरीद पर करीब 50 फीसदी तक या अधिकतम 2.45 लाख रुपये का अनुदान मिल सकता है. यानी ट्रैक्टर की कीमत का बड़ा हिस्सा सरकार उठाएगी और बाकी रकम किसान को देनी होगी.
इसके अलावा रोटावेटर, कल्टीवेटर, पावर टिलर और आधुनिक बुवाई मशीनों पर भी किसानों को 40 से 50 फीसदी तक की सहायता मिल सकती है. खासकर बागवानी करने वाले किसान, गन्ने की खेती करने वाले वाले किसान और छोटे खेतों वाले किसानों के लिए मिनी ट्रैक्टर काफी काम का साबित हो सकता है. इसका साइट छोटा होने की वजह से यह खेतों में आसानी से चल जाता है और कम ईंधन में जुताई जैसे काम पूरे करने में मदद करता है.
किन्हें मिल सकता है योजना में लाभ?
इस सब्सिडी का फायदा उठाने के लिए सरकार ने कुछ आसान शर्तें तय की हैं. जिससे कि जरूरतमंद किसानों तक मदद पहुंच सके. आवेदक किसान के नाम पर अपनी खेती की जमीन होनी चाहिए और उसका बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना जरूरी है. तो इसके साथ ही किसान ने पिछले कुछ सालों के भीतर सरकार की किसी अन्य ट्रैक्टर सब्सिडी योजना का फायदा न लिया हो.
आवेदन करते समय आपको कुछ जरूरी कागजात अपने पास तैयार रखने होंगे. इनमें आधार कार्ड, जमीन की खतौनी या भू-अभिलेख, पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक पासबुक की साफ कॉपी और जाति प्रमाण पत्र आरक्षित वर्ग के किसानों के लिए शामिल हैं. इसके अलावा किसान का एक चालू मोबाइल नंबर होना जरूरी है. जिस पर योजना से जुड़े सारे जरूरी अलर्ट और वेरिफिकेशन ओटीपी आसानी से आ सकें.

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घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करने का पूरा प्रोसेस
सब्सिडी पाने की पूरी प्रोसेस को पूरी तरह ऑनलाइन बना दिया गया है. मध्य प्रदेश के किसान सीधे उद्यानिकी विभाग के ऑफिशियल पोर्टल mpfsts.mp.gov.in/mphd/new पर जाकर आसानी से अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद आपको संबंधित सब्सिडी योजना और अपनी पसंद के कृषि यंत्र जैसे मिनी ट्रैक्टर या अन्य उपकरण को सेलेक्ट करना होगा.
एप्लीकेशन सबमिट होने के बाद विभाग किसान की एलिजिबिलिटी और तय सरकारी टारगेट के आधार पर जांच करता है. ज्यादातर मामलों में लाभार्थियों का चुनाव पूरी तरह पारदर्शी लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाता है. जैसे ही लॉटरी में आपका नाम फाइनल होता है, सीधे अप्रूवल मिल जाता है और सब्सिडी का लाभ आपके खाते से जोड़ दिया जाता है.
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