राजस्थान के डूंगरपुर जिले में एक बार फिर से गंभीर बीमारी का खतरा मंडराने लगा है. जिले के सीमलवाड़ा खंड में ‘चांदीपुरा वायरस’ (Chandipura Virus) ने दस्तक दे दी है, जिसकी चपेट में आने से एक 6 वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई है.
इस घटना के सामने आते ही पूरे चिकित्सा महकमे में हड़कंप मच गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है. प्रभावित इलाके में ‘रैपिड रिस्पांस टीम’ (RRT) तैनात कर दी गई है और बड़े पैमाने पर सर्वे व फॉगिंग अभियान शुरू कर दिया गया है.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा खंड स्थित रतनपुरा गांव का है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, 13 जुलाई की शाम रतनपुरा निवासी 6 वर्षीय मासूम ‘रिंकू’ को अचानक उल्टियां होने लगीं. घबराए परिजन उसे तुरंत सीमलवाड़ा के एक निजी अस्पताल ले गए. हालत बिगड़ती देख डॉक्टरों ने उसे गुजरात के मोडासा रेफर कर दिया. वहां से भी बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए उसे हिम्मतनगर के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया. इलाज के दौरान 15 जुलाई को मासूम रिंकू ने दम तोड़ दिया. मेडिकल जांच में मौत का कारण चांदीपुरा वायरस सामने आया है.
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हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग: 353 लोगों की हुई स्क्रीनिंग
मासूम की मौत की खबर मिलते ही डूंगरपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अलंकार गुप्ता के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें हरकत में आ गईं. सीमलवाड़ा मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में एक रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) तुरंत रतनपुरा गांव पहुंची. टीम ने युद्ध स्तर पर कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्र के 75 घरों का सघन सर्वे किया और कुल 353 लोगों की स्क्रीनिंग की. राहत की बात यह रही कि सर्वे के दौरान फिलहाल किसी भी ग्रामीण में बुखार या इस वायरस से जुड़े कोई लक्षण नहीं मिले हैं.
संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन के बड़े कदम
स्वास्थ्य विभाग वायरस को फैलने से रोकने के लिए कई एहतियाती कदम उठा रहा है:
- कीटनाशक छिड़काव: मच्छरों और संक्रमण की रोकथाम के लिए क्षेत्र के 17 घरों में पाइरेथ्रम स्प्रे (Pyrethrum Spray) का छिड़काव किया गया है.
- फॉगिंग अभियान: पूरे प्रभावित इलाके में सघन रूप से फॉगिंग करवाई गई है.
- ब्लड सैंपलिंग: एहतियात के तौर पर 40 ग्रामीणों की रक्त पट्टिकाएं (Blood Samples) लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजी गई हैं.
- पेयजल शुद्धिकरण: क्षेत्र के सभी पेयजल स्रोतों के शुद्धिकरण (क्लोरीनेशन) के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं.
24 घंटे निगरानी के आदेश
डूंगरपुर CMHO डॉ. अलंकार गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्र में लगातार 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही घर-घर जाकर ग्रामीणों को मौसमी बीमारियों और चांदीपुरा वायरस के प्रति जागरूक किया जा रहा है.
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