दलेर मेहंदी विवाद को लेकर उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल अपने बयान पर कायम हैं. उन्होंने एक बार फिर दो टूक कहा है कि वो अपने आत्मसम्मान से कोई समझौता नहीं करेंगे. उन्होंने माफी मांगने से साफ तौर से इनकार कर दिया है. मंत्री ने ये भी कहा कि माफी मांगने के बजाय इस्तीफा देना पसंद करेंगे.
उत्तराखंड सरकार में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा, ”मांफी मांगने का सवाल ही नहीं है. अगर आलाकमान भी मुझे माफी मांगने के लिए बोलेंगे, तब भी मैं इस्तीफा देना पसंद करूंगा, लेकिन अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं करूंगा. जीवन में सबसे जरूरी सेल्फ रिस्पेक्ट है.”
विपक्ष लगातार मांग रहा उनियाल का इस्तीफा
बता दें कि हाल ही में एक कार्यक्रम में दलेर मेहंदी को लेकर दिए गए बयान के बाद सुबोध उनियाल सुर्खियों में हैं. विपक्ष लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है, लेकिन उनियाल ने साफ कर दिया है कि वो अपने स्टैंड से पीछे नहीं हटेंगे.
सुबोध उनियाल ने पहले भी माफी का किया था खंडन
इससे पहले 27 अक्टूबर को भी दलेर मेहंदी से माफी मांगने की खबरों का उन्होंने खंडन किया था. माफी के सवाल पर सुबोध उनियाल ने कहा था कि मैंने कोई अपराध नहीं किया है जो माफी मांगूंगा. इस दौरान उत्तराखंड के मंत्री ने ये भी कहा कि अगर दलेर मेहंदी की तबीयत बिगड़ी हुई थी तो उन्हें कार्यक्रम में नहीं आना चाहिए था. अगर वो आ भी गए तो उन्हें अपनी खराब तबीयत के बारे में पहले ही आयोजकों और दर्शकों को बता देना चाहिए था.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी के कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. राज्य के मंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी के परफॉर्मेंस को लेकर सवाल उठाए थे. उन्होंने आरोप लगाया था कि दलजीत मेहंदी स्टेज पर नशे में थे, वो लिप-सिंक कर रहे थे और ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे. इसके बाद मीका सिंह ने अपने भाई दलेर मेहंदी का बचाव करते हुए सुबोध उनियाल से माफी की मांग की थी.
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