सोशल मीडिया पर आए दिन बच्चों और बुजुर्गों के कई दिल छू लेने वाले वीडियो वायरल होते रहते हैं, लेकिन इस समय इंटरनेट पर एक ऐसा वीडियो छाया हुआ है जिसे देखकर आपका बचपन ताजा हो जाएगा और चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान आ जाएगी. आज के डिजिटल दौर में जहां बच्चे मोबाइल फोन, टैबलेट और महंगे प्लेस्कूलों में क ख ग सीखते हैं, वहीं सोशल मीडिया पर एक बुजुर्ग महिला (दादी अम्मा) का बच्चों को पढ़ाने का बेहद पारंपरिक और अनोखा तरीका खूब सुर्खियां बटोर रहा है.
दरअसल, वायरल हो रहे इस वीडियो में एक बुजुर्ग दादी अम्मा बच्चों को बिल्कुल पारंपरिक और अनूठे तरीके से अक्षरों का ज्ञान देती नजर आ रही हैं. इस वीडियो ने इंटरनेट यूजर्स को भावुक कर दिया है. खेल-खेल में और बिना किसी खर्च के बच्चों को पढ़ाने की इस पुरानी भारतीय तकनीक ने बड़े-बड़े शिक्षाविदों का ध्यान भी अपनी ओर खींच लिया है.
चटाई, रेत और नन्हीं उंगलियां
इंटरनेट की दुनिया में तहलका मचा रहे इस वीडियो वीडियो में केरल की पारंपरिक सफेद साड़ी पहने एक दादी अम्मा नजर आ रही हैं. वह बरामदे में लाइन से फर्श पर बिछी चटाई पर बैठे बच्चों के आगे बड़े ही प्यार से साफ रेत फैलाती हैं. जहां आज के बच्चे स्लेट, कॉपियों या आईपैड स्क्रीन से अपनी पढ़ाई की शुरुआत करते हैं, वहीं यह वीडियो भारत की सदियों पुरानी पारंपरिक शिक्षा पद्धति की याद दिलाता है.
बिना कॉपी-पेन के ‘क ख ग’ सीख रहे बच्चे
उम्र के इस पड़ाव पर भी पूरी फुर्ती के साथ दादी अम्मा हाथ में एक छोटी सी लकड़ी की छड़ी थामकर बहुत ही सुंदर और साफ हैंडराइटिंग में रेत के ऊपर एक-एक करके अक्षरों की आकृति बनाना शुरू करती हैं. जैसे ही वह रेत पर कोई अक्षर लिखती हैं, सामने बैठे मासूम बच्चे पूरी एकाग्रता के साथ अपनी नन्हीं उंगलियों को उस रेत पर चलाते हैं और दादी के बनाए अक्षरों को हूबहू दोहराते हुए लिखना सीखते हैं. इस दौरान बच्चों का गजब का फोकस और उनके चेहरे की मासूम मुस्कान सोशल मीडिया यूजर्स को सबसे ज्यादा आकर्षित कर रही है.
No paper, no internet, just pure creativity. Innovation doesn’t always need technology. https://t.co/lzONV1byIY
— अथर्व (@Talwar_1009) October 23, 2026
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सोशल मीडिया पर यूजर्स के रिएक्शन
इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही यूजर्स अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देने लगे. वीडियो पर कमेंट करते हुए एक यूजर लिखता है कि पुरानी पीढ़ी के इस हुनर और सिखाने की सादगी के सामने आज की सारी मॉडर्न टेक्नोलॉजी और गैजेट्स फेल हैं.
वहीं दूसरा यूजर लिखता है कि ये बच्चे वाकई बहुत किस्मत वाले हैं जिन्हें जीवन की शुरुआत में ऐसी समर्पित टीचर मिली हैं. एक अन्य यूजर लिखता है कि बिना किसी मोटी फीस या कॉपियों के बोझ के खेल-खेल में सीखने का यह देसी अंदाज सबसे बेस्ट है. सोशल मीडिया पर लोग इस अनोखी पाठशाला को इंटरनेट की सबसे खूबसूरत चीज बता रहे हैं.
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