दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार में स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर चर्चा में है. जिसमें इस बार स्वास्थ्य सचिव द्वारा एंटी करप्शन ब्रांच में शिकायत के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है. इसमें अब स्वास्थ्य मंत्री डॉ पंकज सिंह ने स्वास्थ्य सचिव को शो कॉज नोटिस देकर लिखित में जवाब मांगा है.
मंत्री के मुताबिक उन्हें विभाग में हुई बड़ी खरीददारी की जानकारी नहीं थी. जबकि मामला अब एसीबी तक पहुंच गया है. इसमें ओआरएस और चादरें निर्धारित कीमतों से अधिक पर खरीदने के आरोप लग रहे हैं.
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क्या है पूरा मामला ?
स्वास्थ्य सचिव ने जो एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत की है, उसमें ओआरएस 15 रूपए प्रति पैकेट से ख़रीदा गया है, जो बाजार मूल्य से दोगुना है. इसी तरह 16 लाख चादरें और पिलो कवर भी ख़रीदे गए. इनके दाम भी तय मानकों से कहीं ज्यादा है. शिस्कायत बाद अब एसीबी ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. इसके बाद पूरे स्वास्थ्य महकमे में हडकम्प मचा हुआ है.
स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी से किया इंकार
उधर स्वास्थ्य मंत्री डॉ पंकज सिंह ने इन खरीदों से अपने आपको अनजान बताया है, उनके मुताबिक उन्हें कोई जानकारी नहीं थी. उनके मुताबिक इतनी बड़ी खरीददारी कब और किसके आदेश पर हुई उन्हें पता नहीं है. जिसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य सचिव से लिखित जवाब माँगा है. उन्होंने कहा कि मेरी जानकारी में ओआरएस का पैकेट 8.70 रुपए का है फिर 15 रूपए की जानकारी क्यों दी गयी.
वहीं उन्होंने चादरों के रेट पर भी आपत्ति जताई. बोले 120 रुपए वाली चादर एम्स में कितने में खरीदी गयीं. 16 लाख चादरें और पिलो कवर कब ख़रीदे गए. उनकी पेमेंट हुई या नहीं और वे कहाँ हैं उसकी कोई जानकारी नहीं है. 10 लाख रूपए की एक्सरे मशीन को लेकर भी उन्होंने पूछताछ की है साथ ही अन्य राज्यों के मूल्यों से भी तुलना करते हुए पूरी जानकारी मांगी गयी है.
2024 में 15 कंपनियों के खिलाफ जांच
एंटी करप्शन ब्यूरो ने 2024 में 15 कंपनियों के खिलाफ जांच शरू की थी, लेकिन उसमें आगे क्या हुआ इसकी जानकारी अभी तक नहीं वहीं कोरोना काल में दवाओं के स्कैम पर हुई कार्रवाई का जवाब मांगा गया है. पंकज सिंह ने स्पष्ट किया कि जवाब तो देना पड़ेगा.
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