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दिल्ली में इस दिन से शुरू होगी नमो यमुना रिवर सफारी, जानें टिकट और रूट


लंबे इंतजार के बाद दिल्लीवासियों को यमुना के बीच सफर करने का मौका मिल गया है. नमो यमुना रिवर सफारी के तहत मंगलवार, 10 नवंबर से फेरी सेवा आम लोगों के लिए शुरू होगी. इसका ट्रायल रन पहले ही पूरा हो चुका है और सुरक्षा से जुड़ी जरूरी जांच के बाद सेवा को हरी झंडी मिल गई थी. सोनिया विहार के वजीराबाद घाट से जगतपुर गांव के शनि मंदिर घाट तक चलने वाली इस फेरी में सफर करने के लिए प्रति व्यक्ति 500 रुपये खर्च करने होंगे.

35 से 40 मिनट में पूरा होगा सफर

यमुना सफारी का जलमार्ग करीब 6 किलोमीटर लंबा होगा. फेरी यात्रियों को वजीराबाद घाट से लेकर जगतपुर गांव स्थित शनि मंदिर घाट तक जाएगी और फिर वापस अपने शुरुआती स्थान पर लौटेगी. इस तरह यात्रियों को कुल करीब 12 किलोमीटर का सफर करना होगा.

इस पूरी यात्रा में 35 से 40 मिनट का समय लगेगा. फेरी में एक बार में 30 लोग बैठ सकेंगे. यात्रियों की सुविधा के लिए इसे पूरी तरह वातानुकूलित बनाया गया है. खास बात यह है कि लोग केवल बैठकर ही नहीं, बल्कि फेरी के ऊपरी हिस्से में खड़े होकर भी यमुना के नजारों का आनंद ले सकेंगे. सुरक्षा के लिहाज से लाइफ जैकेट की व्यवस्था भी की गई है.

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मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह पहले शुरू कराया था ट्राय

फेरी सेवा की शुरुआत से पहले करीब एक सप्ताह तक इसकी तैयारियों और परीक्षण का काम चला. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद ट्रायल रन की शुरुआत की थी. इस दौरान उन्होंने भी फेरी में करीब एक से डेढ़ किलोमीटर तक सफर किया था.

उस समय मुख्यमंत्री ने कहा था कि यमुना का दिल्ली के लोगों से भावनात्मक और सांस्कृतिक रिश्ता रहा है. उनके मुताबिक, यमुना सफारी शुरू होने से राजधानी में पर्यटन के साथ मनोरंजन के नए विकल्प भी जुड़ेंगे.

घाट पर फूड और मनोरंजन का भी इंतजाम

यमुना सफारी का आकर्षण सिर्फ फेरी की सवारी तक सीमित नहीं रहेगा. वजीराबाद घाट के प्लेटफॉर्म क्षेत्र में लोगों के लिए फूड कियोस्क और रेस्टोरेंट तैयार किए जा रहे हैं. बच्चों के मनोरंजन के लिए किड्स जोन भी बनाया जा रहा है. जो लोग फेरी की सवारी न कर  सिर्फ घाट के प्लेटफॉर्म क्षेत्र में घूमना चाहते हैं, उन्हें भी यहां आने का मौका मिलेगा. इसके लिए 50 रुपये का एंट्री टिकट निर्धारित किया गया है. सरकार की योजना इस परियोजना के जरिए यमुना को दिल्ली में पर्यटन के एक नए केंद्र के रूप में विकसित करने की है.



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