उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के दोभ-श्रीकोट की रहने वाली अंकिता भंडारी के हत्या के मामले में आंदोलित उनके माता-पिता ने प्रेस वार्ता की. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में वीरेंद्र सिंह भंडारी और सोनी देवी ने प्रेस वार्ता की. इस प्रेस वार्ता में ऐलान किया गया कि अगर सिक्किम के राज्यपाल के लिए दुष्यतं गौतम की नियुक्ति को खारिज नहीं किया गया तो 24 घंटे बाद आंदोलन शुरू किया जाएगा.
अंकिता की मां सोनी देवी ने कहा कि जब हमने यह सुना कि दुष्यंत गौतम राज्यपाल बना दिए गए हैं तो हम बहुत दुखी हो गए. कहां हम सोच रहे थे कि हमें न्याय मिलेगा लेकिन सरकार हर रोज हमारे जख्मों पर नमक छिड़क रही है. उन्होंने कहा कि जब तक जांच हो रही है तब तक के लिए सिक्किम के राज्यपाल के पद पर दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक लगा दी जाए.
अंकिता भंडारी के पिता ने क्या कहा?
अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि हमें दिल्ली इसलिए आना पड़ा क्योंकि यहां की बात हर जगह सुनी जाती है. उन्होंने कहा कि मैं पूरे उत्तराखंड की जनता का धन्यवाद करता हूं. अगर वह हमारे साथ नहीं होते तो मेरी बेटी का शव तक नहीं मिलता. उन्होंने दावा किया कि जब अंकिता के शव का पोस्टमार्टम किया गया तो उस दौरान महिला चिकित्सक मौजूद नहीं थीं.
वीरेंद्र सिंह ने कहा कि जब हम लोगों को यह पता चला कि दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त किया गया है तो इनकी (अंकिता की मां सोनी) की तबीयत खराब हो गई और कहा कि हमें अब न्याय नहीं मिलेगा. इसके बाद हम लोग दिल्ली आए.
24 घंटे का दिया अल्टीमेटम
उन्होंने कहा कि मैंने राष्ट्रपति से अपील की है कि इस मामले को संज्ञान में लेते हुए अगले 24 घंटे में दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द की जाए. वीरेंद्र सिंह ने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो उत्तराखंड में जनता सड़कों पर होगी.
अंकिता के माता-पिता के ससाथ प्रेस वार्ता में योगिता भयाना भी मौजूद रहीं. उन्होंने कहा कि अंकिता के माता पिता सिस्टम से हताश और परेशान हो गए हैं. हम न्याय चाहते हैं.हम यह नहीं चाहते कि तत्काल न्याय हो. न्यायिक प्रक्रिया अपने हिसाब से हो.
हालांकि उन्होंने कहा कि हम बस यह चाहते हैं कि जिस शख्स को आपने सिक्किम का राज्यपाल बनाया है उन्हें हटाएं अन्यथा हम 24 घंटे बाद हम आंदोलन करेंगे. अगर अमुक की नियुक्ति खारिज नहीं की जाती है तो हमें आंदोलन करना होगा.
