बांग्लादेश में छात्र आंदोलन से प्रेरित होकर भारत में भी ऐसा आंदोलन खड़ा करने की बात कहने के बाद ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा विवादों में आ गई हैं. उनके बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना साधा है.
भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके साथियों का विरोध राजनीतिक नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन के उद्देश्य से किया जा रहा है. उन्होंने राहुल गांधी और उनके साथियों को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया.
प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर नेहा बोरा के बयान को साझा करते हुए राहुल गांधी पर हमला बोला. उन्होंने नेहा बोरा को राहुल गांधी की विचारधारा का समर्थन करने वाली प्रमुख चेहरों में से एक बताया. प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का विरोध केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सत्ता परिवर्तन करना है.
Neha Bora who is poster girl of Rahul Gandhi proves Rahul’s resistance is not political. Objective is regime change Neha Bora says-” she is inspired by Regime change in Bangladesh and wants that to replicate in India” https://t.co/juxwGi8KUx
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) October 14, 2026
प्रदीप भंडारी के मुताबिक, नेहा बोरा का बांग्लादेश के आंदोलन से प्रेरित होने और भारत में भी ऐसा आंदोलन देखने की बात कहना इस आरोप को साबित करता है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और उनके साथियों का मकसद सत्ता परिवर्तन है. हालांकि, ये प्रदीप भंडारी के आरोप हैं.
नेहा बोरा ने बांग्लादेश के आंदोलन का किया जिक्र
नेहा बोरा का एक बयान सामने आया है, जिसमें वह बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलन और भारत में चल रहे जेन-जी आंदोलनों के बीच समानता बताती नजर आ रही हैं. उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत ‘लाल सलाम’ से की और बांग्लादेश के आंदोलन से जुड़े लोगों को बधाई दी. नेहा बोरा ने कहा, “हम आपको अपना लाल सलाम पेश करते हैं. हम जानते हैं कि आज देशभर में जो जेन-जी आंदोलन देखने को मिल रहा है, उसकी शुरुआत सबसे पहले बांग्लादेश में हुई थी. हमें रास्ता दिखाने और हमारे साथ एकजुटता दिखाने के लिए बधाई.”
लोकतंत्र और मताधिकार की लड़ाई से जोड़ा आंदोलन
नेहा बोरा ने अपने बयान में कहा कि बांग्लादेश में शुरू हुआ आंदोलन लोकतंत्र और मताधिकार के लिए था. उनके मुताबिक, भारत में युवा जिस आंदोलन में हिस्सा ले रहे हैं और उसका नेतृत्व कर रहे हैं, वह भी लोकतंत्र और मताधिकार के लिए है. उन्होंने आगे कहा कि बांग्लादेश में लोगों ने धार्मिक कट्टरता के खिलाफ जो लड़ाई लड़ी, उसी तरह की लड़ाई भारत के जेन-जी और दूसरे लोग भी लड़ रहे हैं.
सीपीआई सांसद पी. संतोष कुमार ने दिया बड़ा बयान
आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा के बांग्लादेश के युवाओं को ‘लाल सलाम’ कहने और उनके आंदोलन से प्रेरित होने वाले बयान पर सीपीआई सांसद पी. संतोष कुमार ने कहा, “मुझे बांग्लादेश से जुड़े इस विवादित बयान के बारे में कोई जानकारी नहीं है . हम ज्ञानेश कुमार को हटाने और इस देश के लिए लड़ रहे हैं . हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत भारत का स्वतंत्रता आंदोलन है . हमें किसी दूसरे स्रोत से प्रेरणा लेने की जरूरत नहीं है . हमारे छात्र और युवा संगठन हमेशा से सरकारों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं . उन्होंने हमेशा जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी है . बांग्लादेश, नेपाल या किसी दूसरे देश की नकल करने की कोई जरूरत नहीं है . हमारा अपना रास्ता है और अपनी परंपरा है .”
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