उत्तर प्रदेश के लखनऊ में शनिवार को समाजवादी पार्टी द्वारा शिक्षक-अभ्यर्थी संवाद आयोजित किया गया, जिसमें देश के जाने-माने शिक्षक पहुंचे और सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी मौजूद रहे. इस कार्यक्रम में मशहूर शिक्षक नीतू मैम ने यूपी में शिक्षा व रोजगार की स्थिति को लेकर बीजेपी सरकार से नाराजगी जाहिर की.
उन्होंने हालिया यूपीटेट का जिक्र करते हुए सवाल उठाय कि यह परीक्षा साल में दो बार होनी चाहिए, लेकिन 2021 के बाद पहली बार हुई. सुपर टेट में जहां 12 लाख 26 हजार वैकेंसी आ सकती थीं, सरकार ने मात्र 11, 508 वैकेंसी देकर खुश है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “अगर मौका ही नहीं मिलेगा तो युवा कैसे सफल होंगे. सचिन तेंदुलकर भी बैटिंग का मौका न मिलने पर सचिन नहीं बन पाते.”
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अंधविश्वास पर जताई चिंता
नीतू मैम ने मौजूदा शिक्षा और रोजगार की हालत पर तंज कसते हुए कहा, “मैनें 2013 के आसपास सपा सरकार द्वारा लैपटॉप वितरण करते हुए देखा, तब का विजन और आज का भविष्य बिल्कुल अलग है. आज “पर्ची वाला बाबा” भविष्य तय करता दिख रहा है. पाखंड और चमत्कार के बीच युवा फंसे हुए हैं. पिछले 10 साल से वे निराश हैं. 20 साल के अनुभव में उन्होंने देखा कि बच्चों का जोश और स्टैमिना अब निराशा में बदल गया है.
भर्ती आयोग पर उठाए सवाल
कार्यक्रम में बोलते हुए नीतू मैम ने यूपीटेट में हजारों अभ्यर्थियों के आउट होने का जिक्र किया. बोलीं, “करीब 4 हजार बच्चे सीधे आउट हुए, ओएमआर और नॉर्मलाइजेशन के कारण लगभग 1 लाख बच्चे प्रभावित हुए. यह सिर्फ क्वालिफाइंग परीक्षा है, फिर भी नॉर्मलाइजेशन लगा दिया गया. यूपीएसआई परीक्षा फिर कोर्ट में फंस गई है. साल दर साल यही सिलसिला चल रहा है.”
भर्ती बोर्ड और आयोगों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आंसर कुंजी में भी विरोधाभास रहता है और नोटिस में भी गलतियां होती हैं. आयोग की गलती को मानवीय बता दिया जाता है, लेकिन अभ्यर्थी की छोटी गलती पर कड़ी सजा जैसी स्थिति बन जाती है.
युवाओं से संघर्ष की अपील
इस दौरान नीतू मैम ने युवाओं से अपील की कि वे सिर्फ ऑनलाइन सक्रिय न रहें. फिजिकल मौजूदगी बढ़ाएं, घर में बैठना बंद करें और अपने रोजगार के अधिकार के लिए खुद लड़ें. उन्होंने कहा, “पहले पेट पूजा, फिर काम दूजा. जब तक पेट नहीं भरेगा, देश के भले के लिए कैसे काम करेंगे? रोजगार आपका अधिकार है, उसके लिए लड़ना पड़ेगा.”
उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव का धन्यवाद दिया और आज रोजगार और शिक्षा पर अधिक ध्यान देने की जरूरत बताई. कार्यक्रम को और भी शिक्षकों ने संबोधित किया.
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