भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने टैक्स को लेकर बड़ा खुलासा किया. सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि बोर्ड सालाना करोड़ों का टैक्स जमा करता है. टैक्स की रकम पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कुल नेटवर्थ से 6 गुने से भी ज्यादा है. लोगों ने ऐसी धारणा बना रही है कि बीसीसीआई सरकार को टैक्स नहीं देता है, इसी पर सफाई पेश करते हुए सैकिया ने यह बयान दिया. लेकिन टैक्स की रकम इतनी बताई कि जिससे अभी के 6 पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी PCB खड़े हो जाएं.
करीब 3000 हजार करोड़ रुपये का टैक्स देता है BCCI
शुक्रवार (18 सितंबर) को देवजीत सैकिया ने बताया कि भारतीय बोर्ड सालाना सरकार को करीब 3000 हजार करोड़ रुपये टैक्स देता है. वहीं दूसरे खेल संगठन भारत सरकार से ग्रांट लेते हैं.
PCB की नेटवर्थ से 6 गुना ज्यादा BCCI का टैक्स
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के क्रिकेट बोर्ड की नेटवर्थ करीब 460 करोड़ रुपये है. अगर इस आंकड़े की बीसीसीआई से टैक्स तुलना की जाए, तो 6 गुने से भी ज्यादा का फर्क नजर आता है. दूसरी तरफ अगर बीसीसीआई की नेटवर्थ देखी जाए, तो यह करीब 20 हजार करोड़ रुपये है. नेटवर्थ में तो भारत और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में जमीन और आसमान से भी ज्यादा का अंतर है.
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सबसे अमीर बोर्ड BCCI
बीसीसीआई दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड है. इसी के अंडर दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग आईपीएल आती है. आईपीएल को देखकर दुनियाभर में तमाम टी20 लीग्स की शुरुआत हुई. बीसीसीआई यानी टीम इंडिया के लिए खेलने वाले खिलाड़ी क्रिकेट से सबसे ज्यादा पैसा कमाते हैं.
अगर भारतीय बोर्ड के बाद दूसरे सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड पर नजर डाली जाए, तो रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया का क्रिकेट बोर्ड करीब 650 करोड़ रुपये की नेटवर्थ के साथ दूसरे पायदान पर है. इसके बाद इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड तीसरे और पाकिस्तान बोर्ड चौथे नंबर पर है. इंग्लैंड बोर्ड की नेटवर्थ करीब 503 करोड़ और पाकिस्तान की 470 करोड़ रुपये है.
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