बांग्लादेश और भारत के बीच बीते कुछ महीनों में शुरू हुआ तनाव ने तारिक रहमान सरकार को बैकफुट पर लाकर खड़ा कर दिया. कई मुद्दों पर आपसी सहमति बनाने के बजाए आंख दिखाने वाला बंग्लादेश खुद को बदहाली से निकालने के लिए भारत से बार-बार अपील कर रहा है. ढाका ने भारत आने वाले अपने नागरिकों के लिए बिज़नेस वीजा जल्दी जारी करने की मांग की है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा मिल सके. बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने कहा कि हम भारत के साथ ऐसी आर्थिक साझेदारी चाहते हैं, जो दोनों के लिए समान रूप से लाभकारी हो और आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव हो.
भारतीय कंपनियों से निवेश चाहता है बांग्लादेश
शमा ओबैद इस्लाम ने दोनों देशों के बीच व्यापार में आने वाली प्रशासनिक देरी, बुनियादी ढांचे की कमियों और नॉन टैरिफ बैरियर को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और भारत के बीच बिजनेस और प्राइवेट सेक्टर के बीच ज्यादा बातचीत हो. व्यापार और निवेश को आसान बनाने के लिए दोनों देशों के व्यापारियों के बीच बातचीत और आना-जाना अधिक आसान होना चाहिए. उन्होंने भारतीय कंपनियों को बांग्लादेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया. बांग्लादेश चाहता है कि भारतीय कंपनियां रेडीमेड कपड़े, चमड़ा, फार्मास्यूटिकल्स और जूट जैसे क्षेत्रों में निवेश करे.
बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने प्रमुख बांग्लादेशी बिजनेस लीडर्स और भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में एक स्वागत समारोह का आयोजन किया. इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शमा ओबैद इस्लाम ने कहा भारत बांग्लादेश का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार बना हुआ है और पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार में काफी बढ़ोतरी हुई है. हालांकि उन्होंने माना कि दोनों देशों के बीच अभी जो ट्रेड हो रहा है वो क्षमता से काफी कम है.
‘दोनों देशों को आर्थिक संबंध मजबूत करने चाहिए’
बांग्लादेश की विदेश राज्य के अनुसार, दोनों देशों को मिलकर अपने आर्थिक संबंधों को मजबूत करना चाहिए, व्यापारिक समस्याओं को दूर करना चाहिए और निवेश के नए रास्ते खोलने चाहिए. उन्होंने कहा, ‘बांग्लादेश, भारतीय कंपनियों को अपने देश में निवेश करने का एक शानदार अवसर दे कर रहा है. बांग्लादेश में बड़ा घरेलू बाजार, मजबूत उत्पादन क्षमता और पड़ोसी देशों के बाजारों से बेहतरीन भौगोलिक जुड़ाव मौजूद है. वहां बने स्पेशल इकोनॉमिक जोन भारतीय कंपनियों के लिए मैन्युफैक्चरिंग करने का एक अच्छा प्लेटफॉर्म है. बांग्लादेश विशेष रूप से ऐसे निवेश का स्वागत करेगा जो नई तकनीक लाएं, स्थानीय सप्लायर्स को साथ जोड़ें, रोजगार के अवसर पैदा करें और बांग्लादेशी उत्पादों को वैश्विक और क्षेत्रीय सप्लाई चेन का हिस्सा बनाएं.’
भारत-बांग्लादेश ट्रेड
आंकड़ों पर नजर डालें तो बांग्लादेश साउथ एशिया में भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है. भारत भी बांग्लादेशी उत्पादों के लिए एशिया के सबसे बड़े एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन में से एक है. वित्त वर्ष 2025-26 (फरवरी तक) के आंकड़ों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 11.35 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है. वहीं साउथ एशियन फ्री ट्रेड एरिया (SAFTA) के समझौते के तहत भारत करीब सभी बांग्लादेशी उत्पादों को बिना किसी कोटा के के ड्यूटी फ्री मार्केट की सुविधा भी प्रदान करता है.
