लॉर्ड्स में भारत की हार ने 140 करोड़ भारतीयों के दिल तोड़ दिया. हर कोई इस मैच में भारत की जीत की दुआ कर रहा था, लेकिन वनडे सीरीज यह अहम मुकाबला 27 रनों से हार गई. रविवार को खेले गए वनडे सीरीज के तीसरे व निर्णायक मैच में इंग्लैंड ने पहले खेलने के बाद 387 रन बनाए थे. जवाब में भारतीय टीम 360 रन ही बना सकी. हालांकि, मैच में एक समय 388 रन चेज करते हुए भारत का पलड़ा भारी दिख रहा था, लेकिन फिर एक ऐसा फैसला लिया गया, जो भारत की हार का मुख्य कारण बना.
इस एक फैसले ने रोहित शर्मा के ऐतिहासिक पारी पर फेरा पानी
388 रनों का रिकॉर्ड रन चेज करने उतरी टीम इंडिया को कप्तान शुभमन गिल और ‘हिटमैन’ रोहित शर्मा ने शानदार शुरुआत दिलाई थी. दोनों ने पहले विकेट के लिए 24.2 ओवर में 147 रन जोड़े. कप्तान गिल 84 गेंद में 77 रन बनाकर आउट हुए. उनके बल्ले से 10 चौके और एक छक्का निकला. इसके बाद रोहित ने विराट कोहली के साथ शतकीय साझेदारी की. दोनों साथ में 400वां मैच खेल रहे थे. इस ऐतिहासिक मैच में दोनों ने 21वीं पर शतकीय साझेदारी की. 39वें ओवर में 260 के स्कोर पर भारत का दूसरा विकेट गिरा. रोहित शर्मा 110 गेंद में 138 रन बनाकर आउट हुए. उन्होंने 17 चौके और 5 छक्के जड़े. यह लॉर्ड्स के मैदान पर किसी भी भारतीय का पहला शतक रहा.
रोहित के आउट होने के बाद चार नंबर पर श्रेयस अय्यर का नहीं भेजा गया. यहां पर आए ईशान किशन. वह 12 गेंद में 14 रन ही बना सके. वनडे में नंबर-4 पर पिछले लंबे वक्त से अय्यर खेल रहे थे, लेकिन दूसरे और तीसरे वनडे मैच में इस पोजीशन पर ईशान को खिलाया गया, दोनों ही मैचों में वह फेल रहे. रविवार को तीसरे वनडे में यह प्रयोग भारत की हार का सबसे बड़ा कारण बना.
कुलदीप यादव को नहीं खिलाना पड़ा भारी
इंग्लैंड ने अपने स्पिनर्स की बदौलत भारत को 388 रन नहीं बनाने दिए. यहां तक पार्ट टाइम स्पिनर जैकब बेथेल भी भारतीय बल्लेबाजों के लिए एक मुश्किल सवाल बन रहे थे. वहीं दूसरी तरफ भारतीय टीम मैनेजमेंट ने अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव को इस अहम मैच में प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया. यह कहना गलत नहीं होगा कि कुलदीप अपनी फिरकी से अंग्रेज बल्लेबाजों को मुश्किल में डाल सकते थे.
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