भारतीय क्रिकेट टीम इस समय श्रीलंका दौरे पर है. श्रीलंका में टीम इंडिया दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी. भारत के लिए यह टेस्ट सीरीज कई मायनों में काफी अहम है. यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है. भारत को फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को जीवित रखने के लिए हर हाल में यह टेस्ट सीरीज जीतनी होगी. साथ ही और भी कई मायनों में भारत के लिए यह सीरीज अहम है.
पूर्व भारतीय स्पिनर मुरली कार्तिक का मानना है कि शनिवार से श्रीलंका के खिलाफ शुरू हो रही टेस्ट सीरीज भारत के स्पिन गेंदबाजों की अगली पीढ़ी को तैयार करने के लिए बहुत अहम होगी, क्योंकि अनुभवी स्पिन ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा अपने इंटरनेशनल करियर के आखिरी दौर में हैं.
रोहित शर्मा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा और रविचंद्रन अश्विन जैसे खिलाड़ियों के संन्यास लेने के बाद भारत की टेस्ट टीम एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. हालांकि, जडेजा अभी भी टीम में हैं, लेकिन वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल तक पहुंचने की भारत की कोशिश इस बात पर भी निर्भर करेगी कि कुलदीप यादव, मानव सुथार और नए खिलाड़ी सारांश जैन गॉल और कोलंबो में कैसा प्रदर्शन करते हैं.
मुरली कार्तिक ने सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क द्वारा आयोजित किए गए कार्यक्रम में कहा, “सबसे पहले, अगर हम टेस्ट क्रिकेट को लेकर गंभीर हैं, तो यह एक अहम दौरा है, न सिर्फ स्पिनरों के नजरिए से, बल्कि डब्ल्यूटीसी के नजरिए से भी. हाल के समय में लाल गेंद की क्रिकेट में नंबर पांच पर हमारा प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है, यह बात सब जानते हैं और इसका रिकॉर्ड भी मौजूद है.”
उन्होंने आगे कहा, “स्पिन के नजरिए से यह बिल्कुल अहम है, क्योंकि रवींद्र जडेजा, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत अच्छा काम किया है, वे अपने करियर के आखिरी दौर में हैं. एक तरह से मैं कहूंगा कि वे अपने करियर के अंतिम वर्षों में हैं. उस नजरिए से देखें तो मानव सुथार ने जिस तरह से आकर अफगानिस्तान के खिलाफ गेंदबाजी की, वह किसी भी पुराने स्कूल के स्पिनर के लिए दिल को छू लेने वाला था, जो भारतीय क्रिकेट को जानता है या उससे जुड़ा रहा है, यह बहुत महत्वपूर्ण था.”
उन्होंने कुलदीप की भूमिका से जुड़े अहम सवाल पर भी जोर दिया, क्योंकि जडेजा के जाने के बाद भारत को एक स्पिन-गेंदबाजी लीडर की तलाश है. कुलदीप एक मुश्किल स्थिति में हैं, अश्विन और जडेजा के साथ कई साल बिताने के बाद भी टीम कॉम्बिनेशन और चोटों के कारण यह लेफ्ट-आर्म रिस्ट-स्पिनर टीम से बाहर रहा है. यह बात 2017 में उनके डेब्यू के बाद से सिर्फ 18 टेस्ट मैच खेलने से साफ जाहिर होती है. अश्विन के रिटायरमेंट के बाद भी कुलदीप ने सिर्फ पांच टेस्ट खेले हैं और एक बार 5 विकेट लेने का कारनामा किया है, जबकि उनसे ज्यादा वॉशिंगटन सुंदर को प्राथमिकता दी गई है. अब, कुलदीप को युवा सुथार से नई चुनौती मिल रही है, जिन्होंने जून में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र मैच में सात विकेट लिए थे.
कार्तिक ने कुलदीप को लेकर कहा, “देखिए, कुलदीप यादव भारत के लिए मैच-विनर रहे हैं. हालांकि, दुर्भाग्य से उनके लिए चीजें अलग तरह से हुईं, जब रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ टीम की कमान संभाल रहे थे. उन्हें उस तरह का मौका नहीं मिला है. जब आप इंग्लैंड में हुई घटनाओं के बारे में सोचते हैं, तो उन पांच टेस्ट मैचों के दौरान हर कोई यही कहता रहा, ‘कुलदीप कहां है? कुलदीप कहां है?’ और कुलदीप नहीं खेले – वह बाहर बैठे रहे.”
उन्होंने आगे कहा, “इस दृष्टिकोण से यह बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि अब जब रवींद्र जडेजा अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं, तो क्या वह लीडर होंगे? या कोई और होगा? क्योंकि जैसा कि आपने सही कहा कि यह बहुत, बहुत मुश्किल है. अनिल, हरभजन, अश्विन और जडेजा जैसे खिलाड़ियों के बाद, टीम मैनेजमेंट की जरूरत के हिसाब से उनमें से कोई एक हमेशा खेलता रहा है. उनकी जगह लेना बहुत बड़ी चुनौती है तो, क्या कुलदीप यादव लीडर बन सकते हैं? मुझे लगता है कि हमें इस सीरीज के दौरान पता चल जाएगा क्योंकि यह बहुत महत्वपूर्ण है.”
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