नॉर्थ ईस्ट के मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़कने से 5 लोगों की मौत हो गई. यह हिंसा कामजोंग और उखरुल जिलों में हुई. इधर, चस्साद में 10 घर और 20 दुकानों को आग के हवाले किया गया. हाल के दिनों में यहां नागा और कुकी जो समुदायों के बीच हिंसा भड़की है. इसके चलते कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी ने शनिवार 6 बजे कांगपोकपी जिले में 24 घंटे बंद का आह्वान किया है.
कामजोंग जिले में शनिवार को संदिग्ध हथियारबंद गुट ने गोलीबारी की. इसके बाद 23 साल के माइकल न्गाममिनलेन हाओकिप की गोली मारकर हत्या कर दी गई .एक अन्य घटना में उखरुल जिले के टीएम कासो के पास याओलेन के पास घात लगाकर किए हमले में 40 साल के संदीप राय की गोली मारकर हत्या कर दी.
संदिग्ध हथियारबंद लोगों ने उनकी गाड़ी पर गोली चलाई. इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. जिला पुलिसकर्मी मामले की जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंचे हैं. इन दो मौतों से पहले कुकी समुदाय की महिला और पांच बच्चों के मां डोमखोनी टौथांग की गोली लगने से मौत हो गई थी. इसके अलावा शनिवार को सुबह 9.30 बजे कामजोंग जिले में मणिपुर-म्यांमार बॉर्डर पर निंगचौ गांव में दो नागा ग्रामीणों की गोली मारकर हत्या कर दी गई.
SEVEN DEAD, A POLICE STATION BURNT. WHAT IS HAPPENING TO MANIPUR? Seven lives have been lost in a single day following violent incidents across different parts of Manipur. Suspected Myanmar-based militants have reportedly attacked Ningchou village in Kamjong district, while deadly violence has also been reported along Makui IT Road and at Chassad. Even a police station in Kamjong has reportedly been burnt down. Further, two Nagas from Makui Ashang village in Kangpokpi district have also been reported missing. Particularly disturbing is the killing of Sandeep Rai, a member of the Nepali community, in an alleged KRA ambush at Yolen near TM Kasom Litan in Ukhrul district. This shows how the violence is spreading and claiming innocent lives across communities. What is going on? How weak have we become that armed militants can kill people, burn down police stations and challenge the authority of the Indian state with such impunity? This is a serious threat to our country’s internal security and sovereignty. All illegally held weapons must be recovered, launch decisive operations against armed militant groups and strengthen our Indo-Myanmar border. Both state and central security forces must act without further delay.
— N. Biren Singh (@NBirenSingh) October 10, 2026
इससे राज्य में बढ़ती हिंसा के बीच मरने वालों की संख्या और बढ़ गई. मृतकों की पहचान 35 साल के न्गाचान्सो निंगशेन और 48 साल के लेशिशान लेशडांग के रूप में हुई है. मरने वालों की संख्या पांच हो चुकी है. इसमें कामजोंग के 4 और पड़ोसी उखरुल जिले में एक मौत शामिल है.
10 घर-20 दुकानें आग के हवाले, प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू की
जो जानकारी सामने आई है, वहां 10 घर और 20 दुकानें आग के हवाले की गई हैं. जिला प्रशासन ने यहां निषेधाज्ञा लागू की है. इसके अलावा 9 अक्टूबर को एक आदेश के तहत जिला मजिस्ट्रेट एल.एन काशुंग ने बीएनएसएस 2023 की धारा 163 लागू की. इसके तहत जंक्शन के 400 मीटर के दायरे में पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने, हथियार ले जाने और घरों से बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई है. ये पाबंदियां अगले आदेश तक जारी रहेंगी.
पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह इन घटना पर क्या बोले?
इन मौतों पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने चिंता जाहिर की है. उन्होंने दावा किया है कि राज्यभर में हिंस घटनाओं से 7 लोगों की मौत हो चुकी है. सिंग ने कामजोंग जिले के निंगचोउ गांव में हमलों, माकुई-इंफाल-तामेंगलोंग रोड और चसाड में हिंसा और कामजोंग में पुलिस स्टेशन जलाए जाने की खबरों का जिक्र किया कांगपोकपी जिले के माकुई अशांग गांव के दो नागा निवासी लापता हैं.
