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‘ममता बनर्जी न तो भगवान हैं और न ही कानून’, बंगाल सरकार में मंत्री बनीं अग्निमित्रा पॉल ने TMC चीफ पर कसा तंज


पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार बनने के बाद मंत्री पद की शपथ लेने वाली बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल ने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के नेता ममता बनर्जी को भगवान की तरह मानते थे, लेकिन हाल के विधानसभा चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया है कि वह न तो भगवान हैं और न ही कानून से ऊपर.

अग्निमित्रा पॉल ने NDTV से बातचीत में कहा कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने चुनाव के दौरान बहुत बातें कीं, लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता ने अपना फैसला सुना दिया. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को यह समझना चाहिए कि वह भारत के संविधान और कानून से ऊपर नहीं हैं. पॉल ने यह भी कहा कि टीएमसी के कई विधायक और सांसद ममता बनर्जी को “मां सरदा” कहकर खुश करने की कोशिश करते थे, जबकि मां सरदा को लोग भगवान मानते हैं. उनके अनुसार ममता बनर्जी ने कभी इस तरह की बातों को रोकने की कोशिश नहीं की. उन्होंने कहा कि अब पश्चिम बंगाल की जनता ने सब कुछ साफ कर दिया है और उन्हें ममता बनर्जी से कुछ कहने की जरूरत नहीं है.

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ममता बनर्जी को अग्निमित्रा की सलाह

बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार (9 मई 2026) को  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. अग्निमित्रा पॉल के अलावा दिलीप घोष, निसिथ प्रमाणिक, क्षुदिराम टुडू और अशोक कीर्तनिया ने भी मंत्री पद की शपथ ली. अग्निमित्रा पॉल से जब पूछा गया कि क्या भाजपा को एक महिला मुख्यमंत्री चुनना चाहिए था तो उन्होंने कहा कि शुभेंदु अधिकारी का लंबा राजनीतिक अनुभव उन्हें इस पद के लिए सबसे उपयुक्त बनाता है. उन्होंने कहा कि पिछले 30 सालों से सुवेंदु अधिकारी राजनीति में सक्रिय रहे हैं और उन्होंने विधानसभा के अंदर और बाहर पार्टी को मजबूती से नेतृत्व दिया है. उनके अनुसार इस समय उनसे बेहतर कोई विकल्प नहीं था.

बंगाल में शुभेंदु सरकार की क्या प्राथमिकताएं?

नई सरकार की प्राथमिकताओं पर बात करते हुए अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि सबसे पहले कानून व्यवस्था को सुधारना जरूरी है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में पुलिस व्यवस्था का राजनीतिक इस्तेमाल किया गया. उन्होंने कहा कि दूसरी बड़ी प्राथमिकता राज्य में बुनियादी सुविधाओं का विकास करना है. कई जगहों पर लोगों को पानी, घर, सड़क, ड्रेनेज और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. इसके अलावा उन्होंने कहा कि तीसरी सबसे बड़ी जरूरत रोजगार की है. उनके मुताबिक बड़ी संख्या में पश्चिम बंगाल के युवा काम की तलाश में दूसरे राज्यों में चले गए हैं और नई सरकार उन्हें वापस लाकर राज्य में रोजगार के अवसर देने का काम करेगी.

भाजपा ने 207 सीटें जीती

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर बड़ी जीत हासिल की है, जबकि तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटें मिलीं. शुभेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में भाजपा के प्रचार अभियान की अगुवाई की थी और घुसपैठ व हिंदुत्व जैसे मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया था.

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