उत्तर प्रदेश के मेरठ में 26 वर्षीय डॉक्टर खुशहाली की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है. डॉक्टर का शव उनके ही आयुर्वेदा एंड नेचुरोपैथी सेंटर क्लीनिक में मिला. पुलिस के मुताबिक खुशहाली ने क्लीनिक में फांसी लगाकर आत्महत्या की. हालांकि, मायके वालों ने इसे हत्या बताते हुए पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं. परिवार का कहना है कि जब शव मिला, तब खुशहाली के दोनों हाथ बंधे हुए थे.
जानकारी के मुताबिक खुशहाली की शादी जनवरी 2026 में मेरठ निवासी डॉ. मयंक चौधरी से हुई थी. पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद खुशहाली पिछले कुछ समय से अपने मायके में रह रही थीं. करीब चार महीने पहले उन्होंने अपना क्लीनिक शुरू किया था.
‘बेटी के नाम पर लिए 14 लाख के लोन’
खुशहाली के पिता जगदीप सिंह का आरोप है कि मयंक ने धोखाधड़ी से उनकी बेटी के नाम पर कई लोन लिए थे. परिवार के मुताबिक खुशहाली पर करीब 12 लाख रुपये का कर्ज हो गया था. इसी कर्ज को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ता गया. परिजनों का दावा है कि उसके नाम पर करीब 14 लोन लिए गए थे.
नौकरी छोड़ शुरू किया था क्लिनिक
खुशहाली ने नेचुरोपैथी और यौगिक साइंस में ग्रेजुएशन किया था. वह BSF में क्लर्क के पद पर भी काम कर चुकी थीं, लेकिन करीब दो साल नौकरी करने के बाद इस्तीफा देकर अपना क्लीनिक शुरू किया था. उनके पिता दिल्ली में BSF में सब-इंस्पेक्टर हैं.
पति और ससुर गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में खुशहाली के पति डॉ. मयंक चौधरी और उसके पिता हरेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. वहीं, परिवार के आरोपों और डॉक्टर के हाथ बंधे होने के दावे की भी जांच की जा रही है.
