महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कांग्रेस की ओर से की गई ‘गूंगी गुड़िया’ टिप्पणी पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है. मंगलवार (4 अगस्त) को उन्होंने कहा, ‘जब समय आएगा, मैं करारा जवाब दूंगी.’ उनकी यह प्रतिक्रिया उस राजनीतिक विवाद के बीच आई है, जो महाराष्ट्र कांग्रेस की एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ.
सुनेत्रा पवार को लेकर की गई टिप्पणी पर सत्तारूढ़ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और उसके सहयोगी दलों ने कड़ा विरोध जताया है. पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल समेत कई नेताओं ने इस टिप्पणी को अपमानजनक बताते हुए इसकी निंदा की.
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पटेल ने एक बयान में कहा कि राकांपा सुनेत्रा पवार के खिलाफ इस्तेमाल की गई अपमानजनक भाषा की कड़ी निंदा करती है. उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज, छत्रपति शाहू महाराज, महात्मा ज्योतिबा फुले, डॉ. बी आर आंबेडकर और यशवंतराव चव्हाण के प्रगतिशील विचारों का अनुसरण करने वाला महाराष्ट्र महिलाओं के अपमान को कभी स्वीकार नहीं करेगा.
कांग्रेस से माफी की मांग
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है कि कांग्रेस ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल एक महिला नेता के खिलाफ किया, जबकि उसकी अगुवाई सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा जैसी महिला नेताओं ने की है.
उन्होंने कांग्रेस से तत्काल पोस्ट हटाने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की. साथ ही कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में किसी भी परिस्थिति में महिलाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
गांधी भवन पहुंचकर हुआ विरोध प्रदर्शन
इस विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया, जब राकांपा कार्यकर्ताओं का एक समूह मुंबई स्थित कांग्रेस के गांधी भवन कार्यालय पहुंचा और सोशल मीडिया पोस्ट के विरोध में प्रदर्शन किया.
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वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने राकांपा के रुख की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों का इरादा हिंसा करने का था. उन्होंने भाजपा और पुलिस पर भी इस कार्रवाई को समर्थन देने का आरोप लगाया. हालांकि, उन्होंने कहा कि उकसावे के बावजूद कांग्रेस महात्मा गांधी के अहिंसा के मार्ग पर चलती रहेगी.
