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मोबाइल हॉटस्पॉट कितना सुरक्षित, जानें किन गलतियों से हो सकता है नुकसान?


आज के समय में जब कहीं Wi-Fi उपलब्ध नहीं होता तो स्मार्टफोन का मोबाइल हॉटस्पॉट काफी काम आता है. लैपटॉप, टैबलेट या गेमिंग कंसोल जैसे Wi-Fi डिवाइस को 4G या 5G नेटवर्क के जरिए इंटरनेट से जोड़ने के लिए फोन को ही राउटर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन सवाल है कि क्या मोबाइल हॉटस्पॉट पब्लिक Wi-Fi जितना ही जोखिम भरा है? एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मोबाइल हॉटस्पॉट नॉर्मली तो सुरक्षित होते हैं लेकिन कुछ सावधानियां रखना जरूरी है.

पब्लिक Wi-Fi से क्यों बेहतर है मोबाइल हॉटस्पॉट?

एयरपोर्ट, होटल या कैफे के पब्लिक Wi-Fi पर यूजर का नेटवर्क पर पूरा कंट्रोल नहीं होता है. ऐसे नेटवर्क पर दूसरे लोग भी जुड़े हो सकते हैं जिससे सुरक्षा और प्राइवेसी से जुड़ा खतरा बढ़ सकते हैं. इसके मुकाबले मोबाइल हॉटस्पॉट में यूजर खुद तय कर सकता है कि नेटवर्क से कौन-सा डिवाइस कनेक्ट होगा. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हॉटस्पॉट पूरी तरह हैक-प्रूफ है. कमजोर पासवर्ड या गलत सेटिंग के कारण अनजान व्यक्ति आपके नेटवर्क से जुड़ सकता है.

पासवर्ड हटाना पड़ सकता है भारी

एंड्रॉयड फोन में हॉटस्पॉट का पासवर्ड हटाने का ऑप्शन मिल सकता है. इससे परिवार या दोस्तों के लिए कनेक्शन आसान हो जाता है लेकिन सुरक्षा के लिहाज से ऐसा करना सही नहीं माना जाता है. बिना पासवर्ड वाला हॉटस्पॉट आसपास मौजूद लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध हो सकता है.

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अगर कोई अनजान व्यक्ति हॉटस्पॉट से जुड़ जाता है तो वह आपका मोबाइल डेटा तेजी से खत्म कर सकता है. इसके अलावा, इनफेक्टेड एक्टिविटी के लिए कनेक्शन का गलत इस्तेमाल होने या दूसरे कनेक्टेड डिवाइस तक पहुंच बनाने की कोशिश का खतरा भी रहता है.

WPA2 और WPA3 देते हैं सुरक्षा

आधुनिक मोबाइल हॉटस्पॉट में Wi-Fi Protected Access यानी WPA सिक्योरिटी का इस्तेमाल होता है. आज के कई डिवाइस WPA2 या WPA3 प्रोटोकॉल सपोर्ट करते हैं. WPA3 में बेहतर एन्क्रिप्शन और ब्रूट-फोर्स हमलों से बचाव के लिए एक्सट्रा सेफ्टी तरीके मौजूद हैं.

हॉटस्पॉट को हमेशा ऑन न रखें

सुरक्षा के लिए जरूरी है कि काम खत्म होने के बाद मोबाइल हॉटस्पॉट बंद कर दिया जाए. कई स्मार्टफोन कुछ समय तक इस्तेमाल न होने पर इसे अपने आप बंद कर देते हैं लेकिन यूजर को खुद भी इसे बंद करने की आदत डालनी चाहिए.

इससे अनजाने डिवाइस के कनेक्ट होने की संभावना कम होती है. साथ ही फोन को नियमित रूप से अपडेट करना भी जरूरी है. सिक्योरिटी अपडेट में ऐसी कमजोरियों के लिए पैच शामिल हो सकते हैं जिनका फायदा साइबर हमलावर उठा सकते हैं.

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