संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की तरफ से कर्ज दिया गया पैसा वापस मांगने के बाद पाकिस्तान दूसरे देशों के आगे फिर से हाथ फैलाने लगा है. पाकिस्तान को यूएई को कुल 3.5 अरब डॉलर का कर्ज इसी महीने चुकाने हैं. पाकिस्तान को ये झटका ऐसे समय में लगा है जब पीएम शहबाज शरीफ अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ बनकर खद ही अपनी पीठ थपथपा रहे हैं. PAK फिर से यूएस-ईरान के बीच वार्ता का दावा भी कर रहा है और पैसे के लिए दर-दर भटक भी रहा है.
सऊदी और चीन के सामने शहबाज ने फैलाए हाथ
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान यूएई को कर्ज चुकाने की तैयारियों के बीच चीन और सऊदी अरब से कर्ज लेने को लेकर बातचीत कर रहा है. इस समय पाकिस्तान अगर यूएई को पैसा लौटाता है तो उसका विदेशी मुद्रा भंडार गिर जाएगा. 27 मार्च तक पाकिस्तान के पास करीब 16 अरब डॉलर का रिजर्व है, जो सिर्फ तीन महीने के आयात के लिए पर्याप्त है. ईरान पर हुए अमेरिकी हमले के बाद तेहरान ने यूएई-सऊदी अरब सहित पड़ोसी देशों पर मिसाइल दागे. इसी बीच यूएई ने पाकिस्तान से अपना पैसा वापस मांग लिया है.
पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने क्या कहा?
पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने बताया, ‘फरवरी के अंत में ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले से पहले पाकिस्तान के पास फॉरेन एक्सचेंज काफ मजबूत था. हम इस स्थिति में थे कि कर्ज वापस कर सकें.’ PAK वित्त मंत्री अपने अधिकारियों के साथ इस समय आईएमएफ और विश्व बैंक की बैठक में हिस्सा लेने के लिए वाशिंगटन में हैं. औरंगजेब ने कहा कि पाकिस्तान चार साल के अंतराल के बाद पहली बार यूरो बॉन्ड जारी करके इस साल ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में वापसी करने की तैयारी कर रहा है.
IMF से भी कर्ज लेने की फिराक में है पाकिस्तान
पाकिस्तान को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का कार्यकारी बोर्ड जल्द ही बैठक करेगा और 7 अरब डॉलर के राहत पैकेज कार्यक्रम की किश्त को मंजूरी देगा. मुहम्मद औरंगजेब ने कहा कि फिलहाल पाकिस्तान तेल संकट की वजह से अपने मुख्य कार्यक्रम में तेजी लाने या उसे बढ़ाने का अनुरोध करने पर विचार नहीं कर रहा है. उन्होंने कहा, ‘अगर हमारी आर्थिक स्थिति कमजोर होती है तो हम आईएमएफ से बात करेंगे.’
ये भी पढ़ें : उधर UAE से निकले जयशंकर, इधर जिनपिंग ने अबू धाबी के प्रिंस को बुलाया लिया चीन, रख दिया ये प्रस्ताव
