नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सांसद यूसुफ पठान ने देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने की खबरों पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्होंने ऐसी कोई भी मांग नहीं की है.
इस संबंध में यूसुफ पठान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गुरुवार (1 अक्टूबर, 2026) को एक पोस्ट शेयर किया. पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘पश्चिम बंगाल, मुर्शिदाबाद, बहरामपुर और पूरे देश के लोग अपने वोट के अधिकार के लिए आवाज उठा रहे हैं. ऐसे वक्त में क्या मैं किसी पुरस्कार के लिए सिफारिश करूंगा? मैंने ऐसा कोई पत्र नहीं लिखा है.’
सबूत दिखाइए, वरना इसे फर्जी समझिए- यूसुफ
NCPI सांसद यूसुफ पठान ने कहा, ‘मेरे नाम से कहानियां गढ़ने वालों से सिर्फ इतना कहना है कि अगर पत्र है, तो उसकी कॉपी को सार्वजनिक कीजिए. सबूत दिखाइए, वरना इसे फर्जी और मेरे नाम का गलत इस्तेमाल समझिए. लोग सच जानना चाहते हैं, अफवाहें नहीं.’
Bengal, Murshidabad, Baharampur aur desh ke log apne vote ke adhikaar ke liye awaaz utha rahe hain. Aise waqt mein kya main kisi award ki sifarish karunga?
Maine aisa koi patra nahi likha.
Mere naam se kahaniyan gadhne walon se sirf itna kehna hai agar patra hai, toh copy…
— Yusuf Pathan (@iamyusufpathan) October 1, 2026
Nationalist Citizens Party of India (NCPI) MP Yusuf Pathan (@iamyusufpathan) on CEC Gyanesh Kumar: “At a time when people in Bengal, Murshidabad, Baharampur and across India are raising their voices to protect their right to vote, why would I recommend anyone for an award? I did… pic.twitter.com/SLGlXEUFyH
— Press Trust of India (@PTI_News) October 3, 2026
उन्होंने आगे कहा, ‘आज जरूरत अफवाह की नहीं, सच और जनता के हक की आवाज की है. आज एक पूरी पीढ़ी अपने वोट करने के अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए लाइन में लगा है. इसके लिए कौन जिम्मेदार है?’
NCPI के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने लिखा था पीएम को पत्र
ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल हुए सांसद यूसुफ पठान की यह टिप्पणी NCPI के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्योति प्रकाश चटर्जी की तरफ से बुधवार (30 सितंबर, 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे उस पत्र के बाद सामने आई, जिसमें उन्होंने 2026 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव कराने में ज्ञानेश कुमार की भूमिका की तारीफ की थी.
पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी में चटर्जी ने कहा था कि ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा के इतिहास और चुनावी धांधली के आरोपों के बावजूद 2026 में विधानसभा चुनावों को सुचारू रूप से संचालन किया. इसलिए ज्ञानेश कुमार देश के सर्वोच्च सम्मान के हकदार हैं.
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