उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में योगी सरकार के राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया है. अखिलेश यादव के सरकार बनने पर गन्ने का मूल्य बढ़ाने के वादे पर मंत्री ने सपा को किसान विरोधी बताया.
वहीं, जब उनसे पूछा गया कि आज के दौर में सबसे बड़ा रावण कौन है, तो उन्होंने धर्म, सनातन और संस्कृति का विरोध करने वालों के साथ किसानों, गरीबों और महिलाओं की योजनाओं का विरोध करने वालों पर भी निशाना साधा. सबसे बड़ा रावण कौन और किसान हितैषी कौन? इन दो सवालों पर मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने अपने बयानों से सियासी बहस छेड़ दी है.
आज जगह-जगह रावण मौजूद हैं- सतीश शर्मा
मंत्री सतीश शर्मा ने कहा कि आज जगह-जगह रावण मौजूद हैं. उनके मुताबिक, जो लोग धर्म, सनातन और भारतीय संस्कृति का विरोध करते हैं, गरीबों, किसानों और महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं का विरोध करते हैं, वे भी उनके निशाने पर हैं. उन्होंने विपक्ष पर युवाओं को गुमराह करने और लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद उन्हें पर्याप्त अवसर न देने का आरोप भी लगाया.
वहीं, अखिलेश यादव के गन्ने का मूल्य बढ़ाने के वादे पर पलटवार करते हुए सतीश चंद्र शर्मा ने कहा कि समाजवादी पार्टी की चार बार सरकार रही, लेकिन उनके आरोप के मुताबिक, सपा सरकार ने गन्ना किसानों और अन्य किसानों को लाभकारी मूल्य देने के लिए पर्याप्त काम नहीं किया. उन्होंने सपा के कर्जमाफी के वादे पर भी सवाल उठाए.
मंत्री ने योगी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए बिजली बिल माफी, सोलर और ट्यूबवेल जैसी सुविधाओं तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी का जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है.
अब मंत्री के इन बयानों ने सियासी सवाल खड़ा कर दिया है क्या गन्ने के मूल्य और किसान हितों को लेकर बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच जुबानी जंग और तेज होगी? और रावण के प्रतीक के जरिए विपक्ष पर साधे गए इस निशाने का समाजवादी पार्टी क्या जवाब देती है?
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