अंकिता भंडारी के माता पिता सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना और कांग्रेस नेता मुमताज पटेल के साथ आज (4 नवंबर 2026) शाम राजघाट पहुंचे थे. तकरीबन 20 मिनट तक राजघाट पर दर्शन के बाद अंकिता के माता-पिता ने राजघाट के बाहर बैठना चाहा लेकिन पुलिस ने इन्हें तुरंत उठा दिया. इस दौरान अंकिता की माता सोनी देवी बेहोश भी गईं.
इसके बाद योगिता भयाना और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के बीच बहस भी हुई. दिल्ली पुलिस की टीम अंकिता भंडारी के माता पिता और योगिता भयाना को लेकर राजघाट से निकल गई. अंकिता भंडारी की मां सोनी देवी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बाद उन्हें मेडिकल जांच (MLC) के लिए बुराड़ी सरकारी अस्पताल ले जाया गया.
‘अंकिता के माता-पिता के साथ राजघाट पर हुआ व्यवहार शर्मनाक’
वहीं, उत्तराखंड की प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने अंकिता के माता-पिता के साथ पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ”उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी के लिए न्याय मांग रहे उनके माता-पिता के साथ दिल्ली के राजघाट पर जो व्यवहार हुआ, वह बेहद दुखद और शर्मनाक है.”
उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी के लिए न्याय मांग रहे उनके माता-पिता के साथ दिल्ली के राजघाट पर जो व्यवहार हुआ, वह बेहद दुखद और शर्मनाक है। अपनी बेटी को खो चुकी एक माँ को न्याय की गुहार लगाने पर पुलिस की इस तरह की कार्रवाई का सामना क्यों करना पड़ रहा है? आखिर कितने धरने, कितने प्रदर्शन और कितनी गुहार के बाद भाजपा सरकार इन माता-पिता की पीड़ा सुनेगी? क्या इस देश में अब न्याय मांगना भी अपराध हो गया है? #JusticeForAnkitaBhandari
— Kumari Selja (@Kumari_Selja) November 4, 2026
क्या इस देश में अब न्याय मांगना भी अपराध हो गया- कुमारी सैलजा
उन्होंने आगे लिखा, ”अपनी बेटी को खो चुकी एक माँ को न्याय की गुहार लगाने पर पुलिस की इस तरह की कार्रवाई का सामना क्यों करना पड़ रहा है? आखिर कितने धरने, कितने प्रदर्शन और कितनी गुहार के बाद भाजपा सरकार इन माता-पिता की पीड़ा सुनेगी? क्या इस देश में अब न्याय मांगना भी अपराध हो गया है?” वहीं, कांग्रेस की नेता मुमताज पटेल ने भी अंकिता के माता-पिता के साथ दिल्ली पुलिस के व्यवहार की आलोचना की.
18 सितंबर 2022 को हुई थी अंकिता भंडारी की हत्या
बता दें कि ऋषिकेश के वनंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी. चार दिन बाद चिल्ला नहर से उनका शव बरामद हुआ था. इस मामले में रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उनके दो साथियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है.
उत्तराखंड की यमकेश्वर विधानसभा से कांग्रेस अंकिता भंडारी की मां को उतारेगी?
