बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजनीति से संन्यास लेने की बात कह दी है. हालांकि इसके लिए उन्होंने शर्त रखी है कि आरोप लगाने वाले उन्हें किसी एक केस में प्रूफ कर दें. सम्राट चौधरी बुधवार (09 सितंबर, 2026) को एबीपी न्यूज़ की एग्जीक्यूटिव एडिटर मेघा प्रसाद को इंटरव्यू दे रहे थे.
सम्राट चौधरी ने एबीपी न्यूज़ के सवालों पर कहा, “एक केस में कोई प्रूफ कर दे… राजनीति से संन्यास लेना पसंद करूंगा.”
इस एक्सक्लूसिव बातचीत में सम्राट चौधरी ने राजनीति, अपराध और छात्रों के साथ-साथ कई मुद्दों पर खुलकर बात की है. सम्राट चौधरी ने नौकरी और रोजगार पर भी बात की. बताया कि सरकारी नौकरी के साथ-साथ सरकार का रोजगार पर भी फोकस है.
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लालू ने पूरे परिवार को फंसाया: सीएम
एक सवाल के जवाब में सम्राट चौधरी ने कहा, “मेरा यह मानना है कि लोकतंत्र है, जनता के लिए जिम्मेदार हूं, जरूर बताना चाहूंगा कि 1995 में लालू यादव ने मेरे पूरे परिवार को फंसाने का काम किया… मानवाधिकार ने बिहार सरकार को दंडित किया… हमारे परिवार को मुआवजा मिला. मैं सदन के अंदर लालू यादव के पूरे परिवार को आइना दिखाते रहा हूं… नीतीश कुमार… शरद यादव तक ने हमारे लिए धरना दिया तब उस केस में मानवाधिकार आयोग द्वारा मुआवाज दिया गया.”
‘नीतीश बिहार एनडीए के सबसे बड़े नेता’
इस सवाल पर कि कहा जाता है कि आपके नाम पर चुनाव होता तो एनडीए नहीं जीत पाता. आपको कुर्सी पर थोप दिया गया. इस पर सम्राट ने कहा, “1990 में लालू के नाम पर चुनाव नहीं हुआ था, 1997 में राबड़ी देवी के नाम पर चुनाव नहीं हुआ था, चुनाव गठबंधन लड़ता है… नीतीश कुमार हमारे नेता थे… एनडीए के सबसे बड़े नेता हैं बिहार में… प्रधानमंत्री और नीतीश कुमार के नाम पर चुनाव लड़ा गया इसमें कहीं दो राय नहीं है. नीतीश कुमार ने बड़ा दिल दिखाया और कहा कि बीजेपी का मुख्यमंत्री बने… बीजेपी ने मुख्यमंत्री बनाया. ये एकदम क्लियर है…”
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