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री-नीट को लेकर छात्रों के मन में उम्मीद, लेकिन सिस्टम पर अब भी सवाल; जानें रिएक्शन


देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. रद्द की गई NEET-2026 परीक्षा की नई तारीख अब तय हो चुकी है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने घोषणा की है कि यह परीक्षा अब 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित होगी. इस खबर के साथ छात्रों के मन में राहत भी है और नई चिंता भी. राहत इसलिए कि तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है और चिंता इसलिए कि दोबारा परीक्षा का दबाव फिर से सिर पर आ गया है.

पिछले कुछ दिनों से छात्र, अभिभावक और कोचिंग संस्थान सभी नई तारीख का इंतजार कर रहे थे. पेपर लीक के आरोपों और परीक्षा की पारदर्शिता पर उठे सवालों के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी. इसके बाद NTA ने भरोसा दिलाया कि दोबारा होने वाली परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित माहौल में कराई जाएगी.

तैयारी के लिए मिला अतिरिक्त समय

NEET जैसी बड़ी परीक्षा में हर दिन की तैयारी अहम होती है. अब छात्रों को लगभग 35 दिन का अतिरिक्त समय मिल गया है. कई छात्र इसे सुनहरा मौका मान रहे हैं, तो कुछ इसे मानसिक दबाव की नई शुरुआत बता रहे हैं. क्योंकि जब एक बार परीक्षा हो चुकी हो और फिर दोबारा की घोषणा हो, तो मन को दोबारा उसी लय में लाना आसान नहीं होता. देशभर में करीब 23 लाख से ज्यादा छात्र इस परीक्षा में शामिल हुए थे.

अब कंप्यूटर बेस्ड मोड की तैयारी

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि आने वाले समय में NEET परीक्षा को IIT-JEE की तरह कंप्यूटर बेस्ड मोड (CBT) में कराया जाएगा. इस बार भी परीक्षा प्रक्रिया में कई नए सुरक्षा कदम उठाए जाएंगे. छात्रों को 15 मिनट अतिरिक्त समय दिए जाने की भी बात कही गई है. माना जा रहा है कि CBT मोड से पेपर लीक जैसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी.

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छात्रों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

नई तारीख सामने आने के बाद छात्रों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं. छात्र शुभम का कहना है हमें री-एग्जाम के लिए 35 दिन का समय मिल रहा है, यह अच्छी बात है. लेकिन NTA पर सवाल है कि क्या इस बार परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित होगी? हमारी मेहनत का क्या? साल खराब हो रहा है. अगर CBT मोड में परीक्षा होगी तो पेपर लीक के चांस कम हो जाएंगे.

वहीं विकास नाम के छात्र ने कहा 21 जून को दोबारा परीक्षा होगी. हमारी NTA से यही उम्मीद है कि इस बार पेपर लीक न हो. हमारी मेहनत सफल होनी चाहिए. CBT मोड से सिस्टम बेहतर होगा. जो लोग पेपर लीक कर फायदा उठाते हैं, वे भविष्य में डॉक्टर बनेंगे तो देश का क्या होगा?

कई अन्य छात्र-छात्राओं का भी कहना है कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं देश के भविष्य के लिए खतरा हैं. री-NEET का फैसला सही है. लोग पेपर लीक कराते हैं जिससे कट ऑफ काफी ऊपर पहुंच जाती है. जिसके कारण हम लोग पीछे रह जाते हैं.

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