लखनऊ में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के खिलाफ विवाद गहराता जा रहा है. समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज थाने में उनके खिलाफ तहरीर दी है. आरोप है कि अपर्णा यादव ने विधानसभा के सामने सपा-कांग्रेस का झंडा जलाकर पार्टी का अपमान किया.
सपा नेताओं ने जताया कड़ा विरोध
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव प्रदीप कुमार समेत कई नेताओं ने थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी. उनका कहना है कि यह सिर्फ राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि एक संगठित तरीके से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है. नेताओं ने मांग की है कि इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों.
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महिला आरक्षण मुद्दे पर हुआ प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार (17 अप्रैल) देर रात अपर्णा यादव अपने समर्थकों के साथ सड़कों पर उतरीं और प्रदर्शन किया. इस दौरान उन्होंने विपक्ष के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की. अपर्णा यादव ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण बिल पास न होने के पीछे विपक्ष जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि विपक्ष का रवैया महिलाओं के प्रति नकारात्मक है और यह ‘नारी विरोधी’ सोच को दर्शाता है, जिसके खिलाफ उनका यह प्रदर्शन किया गया.
प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने विपक्षी दलों पर तीखे शब्दों में हमला बोला. इसी दौरान झंडा जलाने की घटना सामने आई, जिसने पूरे मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया. सपा नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन इस तरह के कदम गलत परंपरा को बढ़ावा देते हैं.
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फिलहाल सपा कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस ने तहरीर ले ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीति और गर्म होने की संभावना है. दोनों पक्षों की ओर से बयानबाजी जारी है, जिससे साफ है कि यह विवाद जल्द शांत होने वाला नहीं है.
