प्रख्यात ज्योतिषाचार्य आचार्य इंदु प्रकाश मिश्रा की पत्नी स्मिता मिश्रा को लखनऊ खंड स्नातक MLC चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है. इस सीट से समाजवादी पार्टी (SP) की प्रत्याशी कांति सिंह ने जीत दर्ज की है. आचार्य इंदु प्रकाश अपनी भविष्यवाणियों के लिए जाने जाते हैं. वो हिंदी समाचार चैनल ‘इंडिया टीवी’ पर आने वाले दैनिक ज्योतिष कार्यक्रम ‘भविष्यवाणी’ को साल 2007 से होस्ट कर रहे हैं.
इंदु प्रकाश काफी प्रसिद्ध हैं, जिस कारण उनकी पत्नी की हार चर्चा का विषय बनी हुई है. उन्हें लखनऊ खंड स्नातक सीट से हार का सामना करना पड़ा है क्योंकि उन्हें पर्याप्त वोट प्राप्त नहीं हुए हैं. इसपर लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. लोगों का कहना है कि दूसरों का भविष्य बताने वाले आचार्य अपनी पत्नी के भविष्य को नहीं भांप सके.
गोरखपुर MLC चुनाव: सपाईयों ने किया बहिष्कार तो चुनाव आयोग ने कमिश्नर से कहा- जवाब दें
निर्दलीय लड़ा चुनाव, मिले केवल 300 वोट
दरअसल, स्मिता मिश्रा 28 सितंबर 2026 को कांग्रेस में शामिल हुई हैं. उन्होंने प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय राय की मौजूदगी सदस्यता ग्रहण की थी. अजय राय ने ही उन्हें लखनऊ की इस सीट से प्रत्याशी बनाने की बात कही थी. हालांकि, इसके कुछ दिनों बाद ही वो अध्यक्ष पद से हटा दिए गए. कांग्रेस की नई अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने स्मिता मिश्रा को MLC चुनाव नहीं लड़ने दिया तो स्मिता ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें केवल 300 वोट की प्राप्त हुए हैं.
हार चर्चा में क्यों है?
स्मिता ने चुनाव प्रचार में कोई कमी नहीं छोड़ी थी. अखबारों में बड़े-बड़े विज्ञापन देने के साथ ही जनसंपर्क के माध्यम से युवाओं और शिक्षण संस्थानों से जुड़े लोगों के साथ जुड़ने के भी प्रयास किए. यही नहीं उन्हें करणी सेना, ब्रह्म समाज जैसे स्थानीय संगठनों का भी पूरा समर्थन मिल रहा था, लेकिन फिर भी वो केवल 300 वोटों पर ही सिमट गईं. ये हार सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है. लोगों का कहना है कि दूसरों का भविष्य बताने वाले बाबा अपनी पत्नी की चुनावी किस्मत को नहीं जान पाए.
स्मिता ने कहा- पति से नहीं ली सलाह
स्मिता का कहना है कि उन्होंने अपने चुनावी भविष्य को लेकर अपने पति आचार्य इंदु प्रकाश से कोई सलाह नहीं ली थी. अपनी हार को लेकर उन्होंने आरोप लगाए हैं कि मतदान केंद्रों पर उनके पोलिंग एजेंटों को अधिकारियों ने बैठने नहीं दिया और कई जगह फर्जी वोटिंग भी हुई है. उनका दावा है कि इसकी शिकायत पर चुनाव आयोग ने कोई एक्शन नहीं लिया.
लखनऊ ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा एक्शन, आरोपी के मकान पर चलेगा बुलडोजर
