तमिलनाडु को लेकर मुख्यमंत्री विजय ने बड़ी घोषणा की है. उन्होंने नवजात बच्चों के लिए ‘थैमामन गोल्ड रिंग स्कीम’ की शुरुआत की है. अहम बात यह है कि इसके लिए दो ज्वेलर्स को ऑर्डर भी दे दिया गया है. इस योजना के तहत तमिलनाडु सरकार जून से सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों को सोने की अंगूठी देगी. पहली बार में 1,28,499 सोने की अंगूठियां बांटी जाएंगी.
‘पीटीआई’ की रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (TNMSC) ने जॉय अलुक्कास और कल्याण ज्वेलर्स को ऑर्डर दिया है. अहम बात यह भी है कि तमिलनाडु सरकार ने इस योजना की शुरुआत 15 सितंबर 2026 को करने का फैसला किया है. 15 सितंबर को पूर्व मुख्यमंत्री सी एन अन्नादुरई की जयंती भी है. सीएम विजय ने अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना की घोषणा की थी.
सोने की अंगूठी का कितना होगा वजन
तमिलनाडु सरकार के आदेश के बाद कुल 4,41,667 सोने की अंगूठियां खरीदी जाएंगी. हर अंगूठी का वजन करीब एक ग्राम होगा. इसके लिए TNMSC ने 14 जुलाई को टेंडर जारी किया था, जिसमें 11 कंपनियों ने हिस्सा लिया था. सरकार के मुताबिक, जॉय अलुक्कास ने एक ग्राम सोने की कीमत को छोड़कर 0.01 रुपये की अपनी सबसे कम कीमत दी. इसमें प्रोसेसिंग फीस, इश्योरेंस, परिवहन और BIS स्टांपिंग समेत सभी चार्ज शामिल थे.
रिपोर्ट के मुताबिक कल्याण ज्वेलर्स ने भी सबसे कम कीमत की पेशकश की. योजना को 15 सितंबर से लागू किया जाना है, इसलिए जून से सितंबर के चार महीनों के दौरान जन्म लेने वाले पात्र बच्चों के लिए 1,28,499 अंगूठियों की आपूर्ति का वर्क ऑर्डर दोनों कंपनियों को दिया गया है.
तमिलनाडु सरकार ने क्यों शुरू की गोल्ड रिंग स्कीम
सोने की अंगूठी को लेकर एक अहम नियम यह भी है कि सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों को ही इस योजना का फायदा मिलेगा. सरकार का कहना है कि ‘गोल्ड रिंग स्कीम’ का बड़ा मकसद लोगों के सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसे को मजबूत करना है. लिहाजा 22 जून 2026 से सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों को ही अंगूठी दी जाएगी.
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