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‘वो ठीक हैं न?’, जब भाषण रोक शी जिनपिंग का हाल पूछने लगे PM मोदी


ब्रिक्स समिट में बात शुरू करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थोड़ी देर के लिए रुके क्योंकि उन्हें लगा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग असहज महसूस कर रहे हैं. पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति के साथ आए अनुवादक से पूछा, “क्या वह ठीक हैं?” उन्होंने कुछ देर बाद फिर से यही सवाल पूछा. हालांकि, तुरंत यह पता नहीं चल पाया कि शी क्यों असहज महसूस कर रहे थे. कुछ सेकंड बाद चीनी राष्ट्रपति ने सिर हिलाया, जिसके बाद पीएम मोदी ने अपना भाषण फिर से शुरू किया.

ये घटना शनिवार को पीएम मोदी के शुरुआती भाषण के 4.40 और 5.11 मिनट के बीच हुई. भले ही यह एक छोटी सी घटना हो, लेकिन यह दोनों नेताओं के बीच आपसी सौहार्द का एक अहम पल था. इससे चीनी राष्ट्रपति के प्रति पीएम मोदी की व्यक्तिगत चिंता झलकती दिखी, खासकर ऐसे समय में जब दोनों देश अपने संबंधों को नए सिरे से शुरू करने और सीमा विवादों से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं.

जिनपिंग की बेचैनी का कारण
शी जिनपिंग की बेचैनी के पीछे क्या वजह हो सकती है, इस पर चीन की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. हालांकि बाद में चीनी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी द्वारा आयोजित गाला डिनर में हिस्सा नहीं लिया. हालांकि उन्होंने पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत में हिस्सा लिया, लेकिन डिनर में उनकी गैर-मौजूदगी को लेकर चर्चाएं हो रही हैं. 

पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक की.
इस पर चीन या भारत की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया, लेकिन एक सूत्र ने बताया कि शी थक गए थे और आराम करने के लिए अपने होटल लौट गए. चीनी राष्ट्रपति के लिए शनिवार का दिन बहुत व्यस्त रहा. वे शनिवार सुबह जल्दी चीन से निकले और दोपहर के आसपास दिल्ली पहुंचे. शिखर सम्मेलन दोपहर 2 बजे के आसपास शुरू हुआ, जिसके बाद उन्होंने पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक की. 

आखिरी बार कहां हुई थी मुलाकात
ब्रिक्स समिट शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने भारत मंडपम में शी जिनपिंग का गर्मजोशी से स्वागत किया. दोनों नेताओं ने तमिलनाडु के रामनाथस्वामी मंदिर के मशहूर 1,212 खंभों वाले कॉरिडोर की तस्वीर के सामने हाथ मिलाया. इसके बाद पीएम मोदी को शी को उस कॉरिडोर की अहमियत और बनावट के बारे में बताते हुए देखा गया. बता देंकि तमिलनाडु में पीएम मोदी और शी की पिछली बार भारत में अक्टूबर 2019 में मुलाकात हुई थी.

2024 से भारत-चीन रिश्तों में सुधार आया है दोनों देशों ने सीधी उड़ानें फिर से शुरू कर दी हैं और नई दिल्ली ने चीनी निवेश से जुड़े नियमों में भी ढील दी है.

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