- शनि अमावस्या पर पीपल का अपमान करने से बचें.
- जरूरतमंदों को दान करें, खाली हाथ न लौटाएं.
- काली वस्तुओं का सही इस्तेमाल करें, उपहास न करें.
- गलत कमाई और पूजा में लापरवाही भारी पड़ सकती है.
Shani Amavasya 2026: ज्योतिष शास्त्र में शनि अमावस्या का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसे शनि जयंती या शनिश्चर जयंती के नाम से भी जाना जाता है. इस साल शनि अमावस्या 16 मई को पड़ रही है. यह वह समय होता है, जब शनि देव की विशेष कृपा या कड़ी परीक्षा दोनों का प्रभाव जीवन पर साफ-साफ दिखाई देता है.
अगर इस दिन सही तरीके से पूजा-पाठ और आचरण न किया जाए, तो इसके नकारात्मक परिणाम आर्थिक स्थिति पर देखने को मिल सकते हैं. कई लोग अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो उन्हें कर्ज, नुकसान और आर्थिक तंगी की ओर धकेल सकती हैं. इसलिए इस दिन कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
पीपल के पेड़ का अपमान करना
शनि अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ का खास महत्व होता है. इसे शनि देव का प्रतीक माना जाता है. इस दिन पीपल के पेड़ की श्रद्धापूर्वक पूजा न करना और उसके पत्ते तोड़ना अशुभ माना जाता है. इससे शनि दोष बढ़ सकता है और आर्थिक परेशानियां का सामना करना पड़ सकत है.
जरूरतमंदों का नजरअंदाज करना
शनि देव न्याय के देवता भी हैं. इस दिन दान-पुण्य न करना या किसी जरूरतमंद को खाली हाथ लौटाना भारी पड़ सकता है. ऐसा करने से शनि की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है, जिसका प्रभाव सीधे आपकी आमदनी और बचत पर पड़ता है.
काले रंग की चीजों का गलत इस्तेमाल करना
शनि अमावस्या पर काले रंग का खास आध्यात्मिक महत्व है. काले कपड़े, काली उड़द की दाल, तिल आदि का दान करना शुभ माना जाता है, लेकिन कुछ लोग इन चीजों का मजाक उड़ाते हैं या इन्हें अपवित्र मानकर फेंक देते हैं. यह गलती शनि दोष को बढ़ाने का काम करती है, जिससे आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.
गलत तरीके से कमाई करना
शनि जयंती के मौके पर अगर आप झूठ बोलते हैं या किसी को धोखा देते हैं या गलत तरीके से पैसे कमाने का प्रयास करते हैं, तो यह सबसे बड़ी गलती मानी जाती है. शनि देव कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं. ऐसे में गलत कामों का परिणाम बहुत जल्द और कड़े रूप में देखने को मिल सकता है, जिससे पैसों की हानि और कर्ज की स्थिति बन सकती है.
पूजा पाठ मे लापरवाही
शनि अमावस्या के मौके पर विधि विधान से पूजा करना बेहद जरूरी है. कई लोग केवल दिखावे के लिए पूजा करते हैं और नियमों को नहीं मानते हैं. इससे पूजा का फल उन्हें प्राप्त नहीं होता और शनि की कृपा भी नहीं मिल पाती. परिणामस्वरूप जीवन में आर्थिक अस्थिरता बनी रहती है.
शनि अमावस्या पर कैसे प्राप्त करें कृपा?
शनि अमावस्या पर सुबह स्नान करने के बाद शनिदेव की विधिपूर्वक पूजा करें. इसके बाद पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और इन 5 गलतियों से बचें. इसके अलावा हनुमान चालीसा का पाठ करने से भी शनि देव की कृपा प्राप्त होती है.
शनि अमावस्या का दिन केवल पूजा करने का ही नहीं है, बल्कि अपने कर्मों को सुधारने का सुनहरा मौका भी है. अगर आप इस दिन इन 5 गलतियों से बचते हैं और शनि देव की सच्चे मन से पूजा-अर्चना करते हैं, तो जीवन में स्थिरता और सफलता प्राप्त हो सकती है.
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