AIMIM के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को पत्र लिखकर मांग की है कि वारंगल में बनने वाले ममनूर एयरपोर्ट का नाम स्वतंत्रता सेनानी मौलवी सैयद अलाउद्दीन के नाम पर रखा जाए, जो पुराने वारंगल जिले के रहने वाले थे.
ओवैसी ने कहा कि अलाउद्दीन एक बहादुर स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने आजादी की लड़ाई में अपनी जान दे दी थी. उन्होंने यह भी बताया कि वे हैदराबाद की मशहूर मक्का मस्जिद के इमाम थे. उन्होंने आगे कहा कि अलाउद्दीन ने आजादी की लड़ाई के दौरान लोगों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई थी.
महान क्रांतिकारी थे ‘मौलवी सैयद अलाउद्दीन’
उन्होंने कहा कि “मौलवी सैयद अलाउद्दीन उन शुरुआती स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे जिन्हें काला पहाड़ (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह) भेजा गया था.” इतिहासकारों के अनुसार, अलाउद्दीन को आजादी की लड़ाई के सबसे अहम लोगों में से एक माना जाता है. ओवैसी ने कहा कि एक महान स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर एयरपोर्ट का नाम रखने से राज्य का सम्मान बढ़ेगा और उन्होंने मुख्यमंत्री से एयरपोर्ट का नाम बदलने का आग्रह भी किया.
वारंगल को मिलेगा पहला एयरपोर्ट
हर वर्ग के लोगों ने इस मुद्दे को उठाने के लिए ओवैसी की सराहना की है. वारंगल में बनने वाला यह एयरपोर्ट इलाके में कनेक्टिविटी और विकास को बढ़ावा देगा. यह वारंगल का पहला एयरपोर्ट होगा, जिससे इलाके की अर्थव्यवस्था को और बढ़ावा मिलेगा. एयरपोर्ट का नाम बदलने से इलाके का महत्व और बढ़ेगा, क्योंकि इसका नाम एक स्थानीय स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर रखा जाएगा.
राज्य सरकार ने अभी तक इस अनुरोध पर कोई जवाब नहीं दिया है और मुख्यमंत्री कार्यालय फिलहाल इस मामले पर विचार कर रहा है. एयरपोर्ट का नाम बदलना मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों की बहादुरी और बलिदान का सम्मान करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है, जिन्हें सरकार ने काफी हद तक नजरअंदाज किया है. ओवैसी स्वतंत्रता सेनानियों का मुद्दा उठाते रहे हैं और मुख्यमंत्री को लिखा गया उनका पत्र इसी कोशिश का हिस्सा है. उम्मीद है कि मुख्यमंत्री कार्यालय जल्द ही इस मुद्दे पर कार्रवाई करेगा.
