भारत ने जॉर्डन के करक में शुक्रवार (23 अक्टूबर, 2026) को हुए आतंकवादी हमले की निंदा की है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने आतंकी हमले में मारे गए लोगों और घायलों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. साथ ही, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में जॉर्डन की सरकार के साथ एकजुटता से खड़े रहने को लेकर प्रतिबद्धता को दोहराई है.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने शनिवार (24 अक्टूबर, 2026) को इस संबंध में एक आधिकारिक बयान जारी किया है. बयान में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘भारत 23 अक्टूबर, 2026 को जॉर्डन के करक में एक चर्च पर हुए जघन्य हमले की कड़ी निंदा करता है. इस हमले में कई निर्दोष लोगों की दुखद मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए. हम मृतकों के शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं.’
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकजुटता की दोहराई प्रतिबद्धता
रणधीर जायसवाल ने आगे कहा, ‘भारत इस मुश्किल वक्त में जॉर्डन के हाशमी साम्राज्य की सरकार और वहां के मित्रवत लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है. हम आतंकवाद के खिलाफ उसके सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से लड़ाई के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को भी दोहराते हैं.’
Statement on the attack at a Church in Jordan ⬇️ 🔗 https://t.co/1M0kmjkPqf https://t.co/6KJEsXAlZD
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) October 24, 2026
हमले में 7 लोगों की मौत और 40 अन्य घायल- जॉर्डन के स्वास्थ्य मंत्री
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जॉर्डन के करक स्थित एक चर्च में शुक्रवार (23 अक्टूबर, 2026) को अंतिम संस्कार के दौरान कुछ बंदूकधारी हमलावरों ने गोलीबारी को अंजाम दिया. इस आतंकी हमले में कुल सात लोगों की मौत हो गई. देश के पब्लिक सिक्योरिटी डायरेक्टोरेट के प्रमुख ने यह जानकारी देते हुए कहा कि जॉर्डन के ईसाई अल्पसंख्यक समुदाय पर हुआ यह एक दुर्लभ हमला है. उन्होंने इसे चरमपंथियों की तरफ से किया गया आतंकवादी हमला करार दिया है.
जॉर्डन के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस आतंकवादी हमले में 7 लोगों की मौत के अलावा, 40 अन्य लोग घायल भी हुए हैं. वहीं, गृह मंत्री माजिन अल फरायह ने कहा, ‘यह हमला चरमपंथियों ने किया था, लेकिन यह बताना अभी जल्दबाजी होगी कि उनके जॉर्डन के अंदर या बाहर सक्रिय किसी भी ज्ञात संगठन से संबंध थे या नहीं. जॉर्डन में इस तरह के हमले बहुत ही दुर्लभ हैं.
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